फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   aap government can go to Supreme Court in Sant Ravidas mandir case

संत रविदास मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट जा सकती है आप सरकार, केंद्र पर लगाया गंभीर आरोप

Sat, 24 Aug 2019 09:12 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sat, 24 Aug 2019 09:12 PM IST
विज्ञापन
aap government can go to Supreme Court in Sant Ravidas mandir case
आप कार्यकर्ताओं के साथ राजेंद्र पाल गौतम - फोटो : Social Media

तुगलकाबाद स्थित संत रविदास मंदिर तोड़े जाने के मामले में दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकती है। इसके लिए सरकार फिलहाल कानूनी विशेषज्ञों की सलाह ले रही है। कानूनी रास्ता मिलने पर अगले हफ्ते सरकार इस मामले में अदालत का दरवाजा खटखटाएगी। इस दौरान मामले का समाधान कराने की कोशिश होगी।

विज्ञापन


दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि आजादी से पहले के सरकारी दस्तावेजों में संबंधित जमीन मंदिर के नाम है। दस्तावेजों में रविदास मंदिर और जाति विशेष वाला जोहड़ दर्ज है। ऐसे में इसे वन भूमि का अतिक्रमण नहीं कहा जा सकता। यह 40 करोड़ लोगों की आस्था का विषय है। केंद्र सरकार और डीडीए ने अदालत के सामने सभी तथ्य नहीं रखे। ऐसे में केंद्र सरकार को मामले में रिव्यू याचिका डालनी चाहिए। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ेंः दिल्लीः 10 दिन में मंदिर नहीं बना तो होगा बड़ा आंदोलन, भीम आर्मी ने दी भारत बंद करने की चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन


गौतम का कहना है कि मामले में पक्षकार न होने और अदालत से फैसला आने के बाद अब दिल्ली सरकार वकीलों से राय ले रही है कि इसमें दिल्ली सरकार कैसे पक्षकार बन सकती है। दिल्ली सरकार मामले को राजनीतिक रंग न देकर इसका समाधान चाहती है। अगर जरूरत पड़ी तो सरकार अदालत में जरूर याचिका लगाएगी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने इन सारे तथ्यों को रखा जाएगा। साथ ही अदालत से गुजारिश की जाएगी कि मंदिर के हिस्से में जितनी जमीन है, उससे कहीं ज्यादा ज्यादा जमीन पर दिल्ली सरकार घना पौधरोपण करेगी।


राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक, 1980 में डीडीए का वन भूमि के तौर पर जमीन मिली थी। मामले का एक समाधान यह भी हो सकता है कि डीडीए इसका लैंड यूज बदलने का एक प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली सरकार को दे। दिल्ली सरकार इस पर तुरंत अपनी सहमति दे देगी। इसके बाद केंद्र सरकार वन भूमि को जमीन को डि-नोटिफाई कर देगी। 

ये भी पढ़ेंः संत रविदास मंदिर मामला- लंबी बहस के बाद आप विधायक ने पेश किया प्रस्ताव, इनपर मिली मंजूरी

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा में संत रविदास के मंदिर को तोड़ने का मसला उठाया गया था। विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर मांग की गई है कि सरकार अध्यादेश लाकर जमीन रविदास मंदिर को दे दे। वहीं, केंद्र सरकार से रिव्यू पिटीशन डालने की भी अपील की थी। इसके अलावा जमीन का लैंड यूज भी बदला जा सकता है। वहीं, राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि इसकी प्रक्रिया की शुरुआत डीडीए को करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed