धरना-प्रदर्शन से क्यों घबराई आप?
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आम आदमी पार्टी ने अब विरोध प्रदर्शन से तौबा कर ली है। पार्टी ने आम चुनावों के मद्देनजर रणनीति में बदलाव करते हुए कार्यकर्ताओं को पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान विरोध प्रदर्शन से बचने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग को मिली खुफिया रिपोर्ट में पार्टी के इस कदम की जिक्र किया गया है। पार्टी का यह फैसला भाजपा मुख्यालय पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया।
‘आप’ के रणनीतिकारों का मानना है कि भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन से पार्टी की साख को बट्टा लगा है। उसकी साफ व अहिंसक छवि को इससे नुकसान पहुंचा है।
अब धरनों के लिए माफी भी मांगेगी पार्टी!
डैमेज कंट्रोल के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता घटना के बाद माफी मांगकर बचाव की मुद्रा में दिख रहे हैं। भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन के बाद चारों तरफ से पार्टी की आलोचना हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने भी पार्टी नेताओं के इस कदम पर नाराजगी जताई थी।
गुजरात से लौटने के बाद उन्होंने सख्त निर्देश जारी करते हुए पूरे चुनाव में ऐसे कदम से बचने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सभी राज्य इकाइयों को भी जारी कर दिया गया है।
भाजपा मुख्यालय पर पांच मार्च को बड़ी संख्या में जुटे आप कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। पुलिस को इतने बड़े प्रदर्शन होने का अंदेशा नहीं था। इसके बाद से खुफिया तंत्र पार्टी की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। चुनाव आयोग को मिली ताजा खुफिया रिपोर्ट में पता चला है कि फिलहाल पार्टी विरोध प्रदर्शन की रणनीति से पीछे हट गई है।