AAP का स्वच्छ राजनीति का दावा कमजोर- 'केजरीवाल ने राज्यसभा के टिकट बेचे'
राज्यसभा में सुशील गुप्ता जैसे धनाढ्य लोगों को भेजने का फैलसाल करके आम आदमी पार्टी ने स्वच्छ राजनीति करने का दावा खो दिया है।
कभी इंडिया अगेंस्ट करप्शन की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रहे मयंक गांधी ने खुल कर कहा कि अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा के टिकट बेच दिए। आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में अंतर नहीं रह गया है।
आप कार्यकर्ताओं को संजय सिंह के नामांकन पर आपत्ति नहीं है। वे एनडी गुप्ता को भी राज्यसभा भेजे जाने पर नाराज नहीं हैं। उन्हें केवल सुशील गुप्ता का नाम नागवार गुजरा है क्योंकि हाल ही तक गुप्ता दिल्ली कांग्रेस के एक छुटभैये नेता भर थे।
जिसने केजरीवाल पर लगाया आरोप उसी को दिया टिकट
पिछले साल उन्होंने केजरीवाल द्वारा 854 करोड़ रुपए प्रचार पर खर्च करने का विरोध करते हुए पूरे दिल्ली में पोस्टर लगाए थे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सुशील गुप्ता को एक बड़े समाजसेवी के रूप में प्रस्तुत किया और उन्हें राज्यसभा में भेजने की वजह बताते समय कहा कि वह 15000 बच्चों को मुफ्त शिक्षा देते हैं।
लेकिन आम आदमी पार्टी समर्थक तुरंत ही गुप्ता के गंगा पब्लिक स्कूल की फीस का ब्रेकअप लेकर सोशल मीडिया पर हाजिर हो गए। ऐसे नहीं है कि पार्टी के पास लायक लोगों की कमी थी।
उन्होंने यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, पूर्व सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रमण्यम, रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे रघुराम राजन और हीरो मोटरसाइकिल कंपनी के मालिक पवन मुंजाल जैसे लगभग डेढ़ दर्जन लोगों से संपर्क किया। लेकिन कोई भई आप के टिकट पर राज्यसभा जाने को तैयार नहीं था।