MCD हार के बाद 'आप' ने स्वीकारा, मोदी से लड़ना है बहुत मुश्किल
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आम आदमी पार्टी और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल इन दिनों अपने राजनीतिक जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इस वक्त न सिर्फ अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता अपने निचले स्तर पर है बल्कि उनकी विश्वसनियता पर सवाल किए जाने लगे हैं।
ऐसे में बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी ने 26 अप्रैल को आए एमसीडी चुनाव के नतीजों पर मंथन के लिए आज बैठक बुलाई। इस बैठक में आप ने अपनी पार्टी लाइन(ईवीएम पर दोषारोपण) से अलग जाते हुए चुनाव के नतीजों पर चर्चा की जिसमें एक बड़ी दिलचस्प बात निकलकर सामने आई।
पार्टी में हुए मंथन के बाद यह निकलकर सामने आया कि यूपी चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद पीएम मोदी का कद इतना बढ़ चुका है और इतना मजबूत हो चुका है कि किसी के लिए भी उनसे लड़ना बेहद मुश्किल है, यहां तक कि केजरीवाल के लिए भी।
'यूपी की जीत ने मोदी की छवि को किया बुलंद'
आप की इस बैठक में आप के बड़े नेता व एमसीडी इलेक्शन में जीते सभी 48 पार्षद पहुंचे थे। यह मीटिंग केजरीवाल के घर पर ही रखी गई थी, जिसमें ईवीएम की जगह प्रधानमंत्री के बढ़ते कद पर चर्चा हुई।
एक आप नेता ने मीडिया से इस बैठक की डिटेल साझा की। इस बैठक में आम आदमी पार्टी ने यूपी चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत और उसके एमसीडी चुनाव पर पड़े प्रभाव के बारे में विचार विमर्श किया।
आप नेता के अनुसार, 'यूपी में भाजपा की जीत और गोव व पंजाब में आप की हार ने प्रधानमंत्री की छवि को और बुलंद कर दिया है जिसे हराना किसी के लिए भी मुश्किल हो गया है, फिर चाहे वो अरविंद केजरीवाल ही क्यों न हों।