फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AAP allegation PM Modi advisor Tarun Kapoor sat with MCD Railways DDA gave orders to remove all slums from Del

सरकार पर आप का हमला: गरीबों को उजाड़ना चाहता है केंद्र, कानून के खिलाफ जाकर झुग्गी वालों को बेघर करना मकसद

Fri, 12 Jan 2024 07:12 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 12 Jan 2024 07:12 PM IST
सार

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त प्रेसवार्ता की और उन्होंने दिल्ली की झुग्गियों में रह रहे लोगों को केंद्र सरकार द्वारा बेघर करने करने की रची जा रही साजिश का खुलासा किया। 

विज्ञापन
AAP allegation PM Modi advisor Tarun Kapoor sat with MCD Railways DDA gave orders to remove all slums from Del
सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली की सारी झुग्गियां तोड़ने के आदेश देने का सख्त विरोध किया है। आप की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झुग्गियों और उनमें रहने वाले लोगों को देखकर शर्म आती है और वो उनसे परेशान हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने दिल्ली से झुग्गियों का पूरी तरह से सफाया करने का फरमान दिया है। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के सलाहकार तरुण कपूर ने एमसीडी, रेलवे, डीडीए के साथ बैठक कर अफसरों को आदेश दिया है कि दिल्ली से झुग्गियों का पूरी तरह सफाया करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनाव में जहां झुग्गी-वहीं मकान देने का वादा करती है और चुनाव बाद झुग्गियों को तोड़ देती है। लेकिन, जब तक आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल हैं, तब तक हम किसी झुग्गी को तोड़ने नहीं देंगे। झुग्गीवालों के अधिकारों के लिए पार्टी सड़क, कोर्ट और संसद तक लड़ाई लड़ेगी, ताकि ऐसी ठंड में भाजपा झुग्गी में रहने वालों को बेघर न कर पाए।

विज्ञापन

आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में संयुक्त प्रेसवार्ता की और उन्होंने दिल्ली की झुग्गियों में रह रहे लोगों को केंद्र सरकार द्वारा बेघर करने करने की रची जा रही साजिश का खुलासा किया। इस दौरान आप की वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि बीजेपी दिल्ली में हर चुनाव से पहले विज्ञापन निकालती है और झुग्गी वालों से फॉर्म भरवा कर कहती है कि उनको इन झुग्गियों की जगह मकान देंगे। एमसीडी चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालकाजी के झुग्गी वालों को 500 मकान दिए थे और अखबारों में फुल पेज का एक विज्ञापन निकालकर वादा किया कि हर किसी को उनकी झुग्गियों के बदले पांच किलोमीटर के दायरे में पक्का मकान देंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

वरिष्ठ नेता आतिशी ने कहा कि बीजेपी कहती है कि झुग्गी वालों को 50 किलोमीटर दूर नरेला में फेंक देंगे, जहां स्कूल, नौकरियों और आवागमन के लिए कोई साधन नहीं है। ऐसा पिछले कई साल से दिल्ली में चल रहा है। बीजेपी शासित केंद्र सरकार अब दिल्ली से झुग्गियों को साफ करने की सुनियोजित ढंग से एक साजिश रच रही है। इसको लेकर 9 नवंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय में एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग को प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने लिया। इसमें दिल्ली की सभी लैंड जमीन मालिक एजेंसी जैसे एमसीडी, डीडीए, रेलवे, एलएंडडीओ के सभी अधिकारियों को बुलाया गया और आदेश दिया गया कि दिल्ली में पूरी तरह से झुग्गियों को साफ करना है। किसी भी जमीन पर झुग्गी नहीं रहनी चाहिए। झुग्गी वालों को पूरी तरह से साफ कर देना है। बुलडोजर की भी जरूरत पड़े तो इन झुग्गियों को हटाना है। उन्होंने कहा कि ये बस एक-दो झुग्गियों की बात नहीं है। पूरे दिल्ली में सुनियोजित ढंग से झुग्गियों को हटाकर वहां रहने वाले लोगों को सड़क पर लाने का प्लान किया जा रहा है। इस काम को करने के लिए उन्होंने मानवता को भी ताक पर रख दिया है। 

विज्ञापन

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार की एलएंडडीओ एजेंसियों ने नवंबर 2023 में डीपीएस मथुरा रोड के ठीक पीछे सुंदर नगरी की झुग्गियों को ग्रेप के नियमों को अनदेखा ध्वस्त किया। आखिर झुग्गियों को तोड़ने के लिए साजिश क्यों रची जा रही है? क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में झुग्गियां नहीं चाहते हैं। जी-20 समिट में इन झुग्गियों को हरे कपड़े से छिपाया गया था। लेकिन जब तक दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार और आम आदमी पार्टी है, तब तक झुग्गीवासियों के अधिकार के लिए लड़ते रहेंगे। फिर चाहे कोर्ट जाना पड़े या फिर सड़क से लेकर संसद तक ही क्यों न जाना पड़े, लेकिन दिल्ली में एक भी झुग्गी को तोड़ने नहीं देंगे। ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया जाएगा कि बीजेपी शासित केंद्र सरकार इस ठिठुरती ठंड में झुग्गीवालों को सड़क पर न ले आए और उनके घर न उजाड़े। 

देश का कानून कहता है कि जब तक लोगों का पुनर्वास नहीं होगा, उनको उजाड़ा नहीं जा सकता है- सौरभ भारद्वाज
वहीं, वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश के हर बड़े शहर दिल्ली, मुंबई या कोलकाता में अलग-अलग जगहों पर जेजे कलस्टर हैं। जेजे कलस्टर समाज की सच्चाई है। मिडिल, अपर मिडिल क्लास वाले लोगों के घरों में साफ-सफाई करने वाली मेड, बच्चों की देखभाल करने वाली आया, ड्राइवर, कपड़े प्रेस करने वाला धोबी, चौकीदार, सब्जीवाला, फलवाला इन झुग्गी कलस्टर में रहते हैं। इन लोगों को यहां रहना अच्छा नहीं लगता, लेकिन मजबूरी है। वहीं, सरकार की झुग्गियों को हटाने के लिए एक खास तरह की पॉलिसी होती है। इस पॉलिसी के तहत लैंड ऑनिंग एजेंसी झुग्गी में रहने वाले लोगों के लिए वहां पर छोटे फ्लैट बनाकर देती है। ऐसा देश के कई इलाकों समेत विदेशों में भी होता है। केंद्र सरकार की जमीन में लोगों को पुर्नवास करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार व डीडीए की होती है। वहीं, दिल्ली सरकार की जमीन में लोगों को पुर्नवास करने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार या डूसिब (दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड) की है। लेकिन पिछले डेढ़-दो सालों में जिन झुग्गियों को तोड़ा जा रहा है, उनमें से अधिकतर केंद्र सरकार की जमीन पर बनी हुई हैं। यहां के लोगों को कड़कती ठंड में उजाड़ा जा रहा है। एक तरफ बीजेपी कहती है कि रैनबसेरों में इतने बेसहारा लोग क्यों हैं। जबकि, सच्चाई यह है कि ये बेसहारा लोग वह हैं, जिनको पिछले कुछ सालों में बेघर कर दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि दिल्ली में झुग्गियां उजाड़ने को लेकर अप्रैल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि कुछ तो रहम करो। इन झुग्गी वालों का पहले पुनर्वास करो। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विधासभा क्षेत्र सरोजनी नगर में भी केंद्र सरकार गरीब लोगों को उजाड़ने के लिए तत्पर है। सवाल यह उठता है कि केंद्र सरकार ऐसे गैरकानूनी काम को कर कैसे सकती है। ये देश का कानून है कि जब तक लोगों का पुनर्वास नहीं होगा, उनको उजाड़ा नहीं जा सकता है। जी-20 के लिए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के आदेश के बाजवूद धौलाकुंआ की झुग्गियों को उजाड़ दिया गया, वहां रहने वाले लोगों को बेघर कर दिया गया। महरौली के गौसिया कॉलोनी में केंद्र सरकार की एजेंसी डीडीए ने हजारों लोगों को उजाड़ दिया। जबकि, यहां के लोगों को कोर्ट से स्टे मिला हुआ था और ये नोटिफाई कलस्टर हैं। ये कॉलोनी काफी पुरानी और पुनर्वास के लिए पात्र है। ऐसे में यहां के लोगों को जब तक मकान नहीं दिया जाता, तब इस कॉलोनी को उजाड़ा नहीं जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तुगलकाबाद में केंद्र सरकार की ऑर्कियोलॉजी विभाग ने करीब ढाई लाख लोगों को उजाड़ दिया। जबकि, इससे पहले कोर्ट में इन लोगों ने कहा था कि इन लोगों का पुनर्वास किया जाएगा। अब ये ढाई लाख लोग उजड़ने के बाद कहां गए होंगे। जो इंसान नौकरी करता है। उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं, जवान बेटियां हैं, वह अपने परिवार के साथ रैन बसेरे में रहने तो नहीं जाएगा। हर जगह कोर्ट में डीडीए यह कहता है कि उजड़े लोगों को डूसिब रैन बसेरे में ले जाएगा। ये कैसे संभव है। केंद्र सरकार षडयंत्र के तहत इन लोगों को उजाड़ रही है। 

आप के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पूरी बेइमानी और धोखेबाजी करने के बाद सुंदर नगरी में नर्सरी के पीछे के कलस्टर को उजाड़ा गया। ऊपर से दबाव की वजह से अधिकारियों व वकीलों की मिलीभगत से ये काम किया गया। जबकि, ये नोटिफाइड कलस्टर था, उसको पुनर्वास किए जाने तक उजाड़ा नहीं जा सकता था। इसके बावजूद केंद्र सरकार की एलएंडडीओ ने इस कलस्टर को उजाड़ दिया। पिछले महीने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सफदरजंग रेलवे के पास झुग्गियों को केंद्र सरकार के रेलवे ने उजाड़ने की कोशिश की थी। उन्होंने डिमोलिशन ड्राइव शुरू कर दी। जब, झुग्गी में रहने वाले लोग कोर्ट गए तो उनको स्टे मिला, फिर भी झुग्गी को उजाड़ने की कोशिश जारी रही। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद वहां पहुंचे, तब जाकर डिमोलिशन का कार्य रुका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed