आशुतोष को मनाएगी आम आदमी पार्टी, केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा-'ना इस जन्म में तो नहीं'
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सीएम केजरीवाल ने आशुतोष के इस्तीफे पर ट्वीटर पर लिखा कि 'ना, इस जनम में तो नहीं'।
How can we ever accept ur resignation?
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 15, 2018
ना, इस जनम में तो नहीं। https://t.co/r7Y3tTcIOZ
इसके अलावा केजरीवाल ने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा है, आशुतोष सर हम सब आपको बहुत प्यार करते हैं।
.@ashutosh83B सर, हम सब आपको बहुत प्यार करते हैं। https://t.co/2JuZeQbifz
विज्ञापन विज्ञापन— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 15, 2018
हर प्रतिभासम्पन्न साथी की षड्यंत्रपूर्वक निर्मम राजनैतिक हत्या के बाद एक आत्ममुग्ध असुरक्षित बौने और उसके सत्ता-पालित, 2G धन लाभित चिंटुओं को एक और “आत्मसमर्पित-क़ुरबानी” मुबारक हो ! इतिहास शिशुपाल की गालियाँ गिन रहा है 🙏 आज़ादी मुबारक
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) August 15, 2018
https://twitter.com/ArvindKejriwal/status/1029637026390450176
समझा जाता है कि आशुतोष ने कल ही पीएसी को अपना इस्तीफा भेजा था। आशुतोष ने स्वयं आज ट्वीट कर पार्टी से नाता तोड़ने की जानकारी सार्वजनिक की। उन्होंने कहा हर यात्रा का अंत अवश्यंभावी है।
आप के साथ मेरे खूबसूरत और क्रांतिकारी जुड़ाव का भी अंत हो गया है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और पीएसी से इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है। आशुतोष ने पार्टी से इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि यह नितांत निजी कारणों से लिया गया फैसला है।
सूत्रों के अनुसार, आशुतोष के इस्तीफे पर विचार करने के लिए जल्द ही पीएसी की बैठक आहूत की जाएगी। पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे कुमार विश्वास और आशुतोष भी पीएसी के सदस्य हैं।
क्या बोले गोपाल राय
हालांकि इस बारे में आप की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है। पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने आशुतोष के इस्तीफे को दुखद बताते हुए कहा कि अभी इस बारे में पार्टी नेतृत्व उनसे बातचीत करेगा।
राय ने ट्वीट कर कहा आशुतोष का फैसला दुःखद। मिलकर करेंगे बात। इस बीच आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आशुतोष के इस्तीफे को हृदयविदारक घटना करार दिया।
उन्होंने कहा जिंदगी में एक अच्छे दोस्त, एक सच्चे इन्सान, एक भरोसेमन्द साथी के रूप में आशुतोष जी से मेरा रिश्ता जीवन पर्यन्त रहेगा। उनका पार्टी से अलग होना मेरे लिये एक हृदय विदारक घटना से कम नहीं है।
उन्होंने कहा हम सब मिलकर आशुतोष जी से अनुरोध करेंगे कि वह अपना फैसला वापस लें। उल्लेखनीय है कि साल 2015 में दिल्ली में केजरीवाल सरकार के गठन के बाद आप से अलग हुए प्रमुख नेताओं की फेहरिस्त में आशुतोष, चौथा बड़ा नाम हैं।
ये लोग भी छोड़ चुके हैं साथ
पिछले कुछ समय से पार्टी की गतिविधियों से अलग चल रहे कुमार विश्वास भी आप नेतृत्व से नाराज बताए जाते हैं। वह आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से समय समय पर सवाल उठाते रहे हैं।
पूर्व पत्रकार आशुतोष ने साल 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप को मिली कामयाबी के फलस्वरूप केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद साल 2014 में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
ये है आशुतोष का राजनीतिक सफर
वह इस साल जनवरी में दिल्ली की राज्यसभा की तीन सीटों के लिये तय किये गये उम्मीदवारों की सूची में शामिल नहीं किये जाने के बाद से असंतुष्ट चल रहे थे। उन्होंने उम्मीदवारों के रूप में दो कारोबारियों को चुने जाने पर पीएसी की बैठक में भी असहमति व्यक्त की थी।