फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   aam aadmi party MLAs tell their experience

11 महीनों ने बदल दी 'आप' विधायकों की जिंदगी

Sat, 08 Nov 2014 08:11 AM IST
Updated Sat, 08 Nov 2014 08:11 AM IST
विज्ञापन
aam aadmi party MLAs tell their experience

दिल्ली के फर्स्ट टाइम विधायकों को ग्यारह महीने की विधायकी में बहुत कुछ नया मिला है। सुबह जल्दी उठने वाले देर से उठने लगे हैं तो शॉपिंग का शौक रखने वाली विधायक को याद नहीं की शॉपिंग कब की है।

विज्ञापन


इतना ही नहीं पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती को इस 11 महीने में डायबिटीज हो गई है तो मॉडल टाउन से विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी इस दौरान अपने गांव नहीं जा सके हैं।
विज्ञापन


पांचवीं विधानसभा के ग्रुप फोटोग्राफी सेशन में पहुंचे विधायकों से ‘अमर उजाला’ ने 11 महीने की विधायकी और उससे पूर्व की लाइफ पर बातचीत की तो रोचक तथ्य सामने आए।

विज्ञापन
विज्ञापन

डर्टी पॉलिटिक्स में मशीन बनी जिंदगी

aam aadmi party MLAs tell their experience

आम आदमी पार्टी के तिमारपुर से विधायक डॉ. हरीश खन्ना को विधायकी डिफरेंट लगी। डॉ. खन्ना का कहना है कि डीयू की राजनीति पढ़े लिखों की जमात होती है, यहां ऐसा नहीं है।

आम आदमी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन किसी दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ने का रास्ता अभी खुला रखा है। उन्होंने यह भी कहा है कि बिना वेतन छुट्टी पर थे, अब विधायकी खत्म हुई है तो पढ़ाने लौटेंगे।

त्रिलोकपुरी से विधायक राजू जिम में ट्रेनर थे, विधायकी में न सिर्फ ट्रेनिंग देना छूटा बल्कि सुबह नींद भी नहीं खुलती। देर से सो पाते हैं। जिम नहीं जा पाते। राजू कहते हैं जिंदगी मशीन बन गई, आराम खत्म हो गया। हालांकि इस बात का सुख है कि सेकेंड हैंड सही, लेकिन एसएक्स-4 कार ले ली है।

मॉडल टाउन से विधायक अखिलेशपति कहते हैं कि अगर विधायक काम करें तो ऐश आराम कहां है। इस दौरान गांव तक नहीं जा पाया।

छूट गई पति के साथ विदेश की सैर

aam aadmi party MLAs tell their experience

बुराड़ी विधायक संजीव झा बताते हैं कि पढ़ाई-लिखाई हॉबी है लेकिन सबकुछ छूट गया। पटेल नगर से विधायक वीना आनंद कहती हैं लाइफ में टेंशन नहीं थी, शॉपिंग और विदेश की सैर भी पति के साथ कर आती थी, सब छूट गया।

दस लाख का पैकेज, नहीं कर पाए 11 महीने में बचत
विधायकी का बेशक सालाना पैकेज दस लाख रुपये के हिसाब से करीब 9 लाख रुपये मिले लेकिन सब खर्च हो गया। राजू का कहना है कि खाते में करीब 15 हजार रुपये बचे हैं। कुछ ऐसा ही मॉडल टाउन से विधायक अखिलेशपति का हाल है।

वह कहते हैं कि नौ लाख रुपये खाते में आए लेकिन बचा नहीं पाया। विधायक बना तो सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ गई। पहले जो कमाता था खुद पर खर्च करता था, अब किसी की बेटी की शादी, किसी की दवाई तो कुछ अन्य सहायता कार्यों में खर्च बढ़ गया। मुश्किल से एक लाख रुपये बचा पाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed