'ये दिल मांगे मोर' पर गरमाई सियासत
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बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के एक चुनावी रैली में दिए गए बयान पर अब सियासत गरमाने लगी है।
आम आदमी पार्टी ने नरेंद्र मोदी पर देश के शहीदों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है। यही नहीं, 'आप' ने मोदी पर ऐसे कटाक्ष किए हैं जिनका जवाब शायद बीजेपी के पास भी न हो।
'आप' ने मोदी को नसीहत यह भी कहा कि देश के लिए अपनी जान देने वालों का नाम भाजपा नेता को वोट बैंक की सियासत में नहीं लाना चाहिए।
मोदी ने भी कहा था 'ये दिल मांगे मोर'
आम आदमी पार्टी ने भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के हिमाचल प्रदेश की रैली में शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा पर दिए गए बयान 'ये दिल मांगे मोर' को लेकर बीजेपी और मोदी को घेरना शुरू कर दिया है।
पार्टी का आरोप है कि बतौर हिमाचल प्रदेश प्रभारी नरेंद्र मोदी 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए कैप्टन विक्रम बत्रा के घर तक नहीं गए। जबकि आज वोट के लिए उन्हें शहीदों की याद आ रही है।
अब 15 साल बाद उन्हें वोट की खातिर शहीद की याद आई है। पार्टी का कहना है कि मोदी को इस बारे में जवाब देना चाहिए।
शहीद विक्रम की मां हैं AAP उम्मीदवार
दरअसल, शहीद विक्रम बत्रा की मां केके बत्रा हमीरपुर संसदीय सीट से ‘आप’ की उम्मीदवार हैं। मंगलवार को मोदी ने यहां रैली की और विक्रम बत्रा के कारगिल युद्ध के दौरान ‘ये दिल मांगे मोर’ का संवाद दोहराया।
मोदी के इस नारे से कैप्टन विक्रम बत्रा के परिजन व 'आप' ने नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि कारगिल युद्ध के दौरान 1999 में मोदी भाजपा के हिमाचल प्रदेश के प्रभारी थे। लेकिन हमीरपुर में होने के बावजूद वह शहीद के परिजनों का सांत्वना देने तक उनके घर तक गए।