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फीस नहीं जमा होने पर गेट से लौटाया, 6 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचा बच्चा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Tue, 10 Jul 2018 10:08 PM IST
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फाइल फोटो
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नोएडा के सेक्टर-25 स्थित सनराइजविले स्कूल प्रबंधक ने फीस जमा ना होने के कारण कई बच्चों को स्कूल से घर वापस भेज दिया। बच्चों की जेब में घर आने के पैसे तक नहीं थे। स्कूल की तरफ से अभिभावकों को जानकारी तक नहीं दी गई।
ऐसे में एक बच्चा गर्मी में 6 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचा। अभिभावक इस बात की शिकायत करने स्कूल में गए तो उल्टा स्कूल प्रबंधक ने अभिभावक को ही सुना दिया। मंगलवार को भी जिन बच्चों ने फीस जमा नहीं कराई, उनको ग्राउंड में बैठा दिया गया।
सेक्टर - 62 में रहने वाले आदिब सिद्दिकी ने बताया कि उनका बेटा सनराइजविले स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार के नए अध्यादेश के बाद स्कूल की तरफ से नई फीस के बारे में अभी अभिभावकों को जानकारी नहीं दी गई है।
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इस वजह से वह मई और जून की फीस जमा नहीं कर पाए। 4 जुलाई को स्कूल खुले हैं। 9 जुलाई को वह बच्चे को स्कूल से थोड़ी दूर छोड़कर वापस लौट आए। उधर, उनके बच्चे को स्कूल के गेट से ही फीस जमा ना होने की वजह से वापस भेज दिया गया।
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ऐसे में एक बच्चा गर्मी में 6 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचा। अभिभावक इस बात की शिकायत करने स्कूल में गए तो उल्टा स्कूल प्रबंधक ने अभिभावक को ही सुना दिया। मंगलवार को भी जिन बच्चों ने फीस जमा नहीं कराई, उनको ग्राउंड में बैठा दिया गया।
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सेक्टर - 62 में रहने वाले आदिब सिद्दिकी ने बताया कि उनका बेटा सनराइजविले स्कूल में 10 वीं कक्षा में पढ़ता है। उत्तर प्रदेश सरकार के नए अध्यादेश के बाद स्कूल की तरफ से नई फीस के बारे में अभी अभिभावकों को जानकारी नहीं दी गई है।
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इस वजह से वह मई और जून की फीस जमा नहीं कर पाए। 4 जुलाई को स्कूल खुले हैं। 9 जुलाई को वह बच्चे को स्कूल से थोड़ी दूर छोड़कर वापस लौट आए। उधर, उनके बच्चे को स्कूल के गेट से ही फीस जमा ना होने की वजह से वापस भेज दिया गया।
बच्चे की जेब में घर आने के लिए भाड़े के पैसे भी नहीं थे। वो सेक्टर - 25 से सेक्टर - 62 घर तक पैदल आया। मंगलवार को वह स्कूल पहुंचे तो स्टाफ उल्टा उन्हें ही सुनाने लगा। बताया जा रहा है कि स्कूल ने फीस नहीं जमा होने पर कई बच्चों को घर भेज दिया था।
स्कूल के 85 प्रतिशत बच्चों की दो महीने से फीस नहीं आई है। बच्चों की डायरी में नोट लिखकर भेजा गया था। उसके बाद भी अभिभावकों ने फीस जमा नहीं कराई। ऐसे बच्चों को सोमवार को अलग - अलग मल्टी मीडिया रूम में बैठाया गया। किसी बच्चे को घर नहीं भेजा गया।
- रजनी जैन, प्रिंसिपल, सनराइजविले स्कूल
यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। फीस के लिए बच्चों से नहीं, बल्कि अभिभावकों से बात करनी चाहिए। बच्चों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ता है। - अनूप खन्ना, अध्यक्ष, अभिभावक एसोसिएशन
स्कूल के 85 प्रतिशत बच्चों की दो महीने से फीस नहीं आई है। बच्चों की डायरी में नोट लिखकर भेजा गया था। उसके बाद भी अभिभावकों ने फीस जमा नहीं कराई। ऐसे बच्चों को सोमवार को अलग - अलग मल्टी मीडिया रूम में बैठाया गया। किसी बच्चे को घर नहीं भेजा गया।
- रजनी जैन, प्रिंसिपल, सनराइजविले स्कूल
यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। फीस के लिए बच्चों से नहीं, बल्कि अभिभावकों से बात करनी चाहिए। बच्चों पर इसका बेहद बुरा असर पड़ता है। - अनूप खन्ना, अध्यक्ष, अभिभावक एसोसिएशन