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Delhi: चैतन्यानंद के जानकार ने एक छात्रा के पिता को धमकाया, 17 छात्राओं का यौन शोषण का मामला
Mon, 29 Sep 2025 11:28 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:28 PM IST
सार
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि जांच के दौरान पीड़ित छात्राओं में से एक ने बताया कि 14 सितंबर को उसके पिता को मोबाइल नंबर 975817.... से एक धमकी भरा कॉल आया था। जांच में कॉल करने वाले की पहचान जिला बागेश्वर, उत्तराखंड हरि सिंह कोपकोटी (38 वर्ष) निवासी के रूप में हुई।
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चैतन्यानंद सरस्वती गिरफ्तार
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राजधानी के एक निजी प्रबंधन संस्थान में 17 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती धमकी का सहारा लेने लगा है। बाबा को जानने वाले उत्तराखंड के एक व्यक्ति ने एक पीड़ित छात्रा के पिता को फोन पर धमकाया है। दिल्ली पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया। आरोपी को जांच के सिलसिले में सोमवार को उसके संस्थान ले जाया गया।
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दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि जांच के दौरान पीड़ित छात्राओं में से एक ने बताया कि 14 सितंबर को उसके पिता को मोबाइल नंबर 975817.... से एक धमकी भरा कॉल आया था। जांच में कॉल करने वाले की पहचान जिला बागेश्वर, उत्तराखंड हरि सिंह कोपकोटी (38 वर्ष) निवासी के रूप में हुई। उसे उसके घर से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह स्थानीय नगरपालिका में काम करता है। पिछले साल चैतन्यानंद के संपर्क में उस समय आया जब वह अपने एक परिचित के साथ दिल्ली आया था। उसका परिचित आरोपी को पहले से ही जानता था। इस दौरान उसकी आरोपी से मुलाकात हुई।
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उसने बताया कि आरोपी चैतन्यानंद के निर्देशानुसार उसने 14 सितंबर .09.2025 को अपने मोबाइल फोन से शिकायतकर्ता के पिता से संपर्क किया और उनसे शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया। इसके खिलाफ 232/351(2) (बीएनएस के तहत किए गए अपराध के लिए पाबंद किया गया और जांच से मुक्त करना) के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी का धमकी देने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया गया है।
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संस्थान से आपत्तिनजक सामग्री नहीं मिली
62 वर्षीय सरस्वती को उसके संस्थान में लाया गया। वह पहले इस संस्थान का अध्यक्ष था। अधिकारी ने बताया कि परिसर तथा छात्रावास में लगे सीसीटीवी के बारे में पूछा गया। छात्रावास के बाथरूम के बाहर भी सीसीटीवी थे, जिनके फुटेज उसके मोबाइल फोन में से एक पर देखे जा सकते थे। यहां पुलिस को कोई भी आपत्तिनजक सामग्री नहीं मिली है।
तीन वार्डन से सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसकी तीन महिला सहयोगियों के सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी, जो एआईसीटीई अनुमोदित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट में विभिन्न पदों पर काम कर रही हैं। महिला सहयोगियों पर छात्राओं को धमकी देने और सरस्वती द्वारा छात्राओं को भेजे गए भद्दे संदेशों को हटाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। जांचकर्ताओं ने कहा कि वह विदेश में था और छह अगस्त को भारत लौटा था।