फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   A Delhi court granted bail to two law students who created a ruckus at the Supreme Court.

Delhi NCR News: सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करने वाले दो लॉ स्टूडेंट्स को दिल्ली कोर्ट ने जमानत दी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 07:48 PM IST
विज्ञापन
- अदालत ने कहा, सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्था एक व्यक्ति के आचरण से कमजोर नहीं होती
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पटियाला हाउस कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान कथित रूप से गाली-गलौज करने, सुरक्षाकर्मी पर हमला करने और कार्यवाही बाधित करने के आरोप में गिरफ्तार दो लॉ स्टूडेंट्स को जमानत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्था किसी एक उत्तेजित वादी के अशिष्ट व्यवहार से कमजोर नहीं होती। न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने 27 जुलाई को पारित आदेश में कहा कि ऐसे आचरण को किसी भी रूप में माफ नहीं किया जा सकता और इसकी कड़ी निंदा की जाती है। अदालत प्रबल प्रताप सिंह (24) और चंद्र भान (23) की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। प्रबल प्रताप लखनऊ विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष के छात्र हैं और इटावा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं। चंद्र भान रायबरेली जिले के दूसरे वर्ष के लॉ स्टूडेंट हैं।
पुलिस के अनुसार, घटना 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 13 में विशेष अनुमति याचिका (सिविल) प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य की सुनवाई के दौरान हुई। प्रबल प्रताप स्वयं वादी के रूप में पेश हुए थे। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने अशिष्ट और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया, कोर्ट रूम में कागजात फेंके, हंगामा किया और सुरक्षाकर्मियों पर आपराधिक बल का प्रयोग किया।
विज्ञापन




अदालत ने आदेश में कहा कि ये आरोप देश की सर्वोच्च संवैधानिक अदालत की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित करने वाले हैं। कोई भी वादी, चाहे वह कितना भी व्यथित हो या बिना वकील के हो, खुले कोर्ट में कागजात फेंकने या पीठासीन अधिकारी व मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं रखता। मजिस्ट्रेट ने कहा कि यदि ऐसे आचरण पर चुप्पी साध ली जाए तो इसे मौन स्वीकृति माना जा सकता है। इसलिए स्पष्ट करना जरूरी है कि ऐसा व्यवहार माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि आरोपी भविष्य में किसी भी अदालत में संयम और मर्यादा बनाए रखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed