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Than Singh Ki Pathshala: जर्मनी तक पहुंची थान सिंह की पाठशाला की गूंज... 8 साल पहले चार बच्चों से की थी शुरुआत

Thu, 30 Nov 2023 09:39 AM IST
शाहरुख खान शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 30 Nov 2023 09:39 AM IST
सार

विदेशी मेहमानों की खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह महज एक घंटे के लिए बच्चों के पास पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्होंने बच्चों के साथ दो घंटे से भी ज्यादा का समय बिताया।

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A delegation of 40 members reached Delhi from Germany at Than Singh school
Than Singh Ki Pathshala - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लालकिला के पार्किंग परिसर में गरीब बच्चों के लिए चल रही थान सिंह की पाठशाला ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी सुर्खियां बटोर ली हैं। अब इनकी पाठशाला की चर्चा विदेशों में भी होने लगी है। पिछले दिनों जर्मनी के एक अखबार में उनकी पाठशाला की खबर क्या छपी, वहां मौजूद कुछ लोगों ने पाठशाला को देखने की इच्छा जाहिर कर दी। 
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बस फिर क्या था जर्मन दूतावास के जरिये थान सिंह से संपर्क साधा गया। बातचीत होने के बाद 25 नवंबर को 40 सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल पाठशाला देखने जर्मनी से दिल्ली पहुंच गया। विदेशी मेहमानों ने न सिर्फ बच्चों से बातचीत की बल्कि उनके जरिये प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी खूब लुत्फ उठाया। 
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विदेशी मेहमान थान सिंह के जुनून देखकर काफी प्रभावित हुए। दरअसल खुद कभी झुग्गी बस्ती में रहकर अपनी मेहनत से खुद की किस्मत बदलने वाले थान सिंह नन्हे-मुन्ने बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनका भविष्य सुधारना चाहते हैं। उनकी मेहनत रंग भी ला रही है और वह करीब 90 बच्चों को अपनी पाठशाला में पढ़ाकर स्कूलों में दाखिला दिला चुके हैं। 
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शुरुआत उन्होंने महज चार बच्चों से की थी, लेकिन धीरे-धीरे कारवां बढ़ता चला गया। उनकी पाठशाला में बच्चे बढ़े तो माता सुंदरी कॉलेज की कुछ छात्राओं ने खुद पहल करते हुए इन गरीब बच्चों को पढ़ाने में थान सिंह की मदद का बीड़ा उठाया। अभी चार छात्राएं थान सिंह की पाठशाला में बच्चों को पढ़ा रही हैं। जर्मनी से आए प्रतिनिधि मंडल की मेहमान नवाजी के लिए एसीपी विजय सिंह के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 
 

दो घंटे तक रहे बच्चों के साथ 
विदेशी मेहमानों की खुशी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह महज एक घंटे के लिए बच्चों के पास पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्होंने बच्चों के साथ दो घंटेे से भी ज्यादा का समय बिताया। 
 

पाठशाला ने बटोरीं सुर्खियां
कोतवाली थाने की लालकिला पुलिस चौकी में तैनात दिल्ली पुलिस के 35 वर्षीय हवलदार थान सिंह ने करीब आठ साल पहले लालकिला की पार्किंग में चार गरीब बच्चों के साथ अपनी पाठशाला की शुरुआत की थी। इसके लिए उन्होंने आसपास के गरीब परिवारों के घर जाकर बच्चों को पढ़ाने की प्रार्थना की। पाठशाला को लालकिला पार्किंग में बने सांई मंदिर में शुरु किया गया। इनकी पाठशाला में जाति-धर्म का कोई बंधन नहीं था। 
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