फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   9600 voters to decide the fate of 22 candidates today in DUTA election

डूटा चुनाव आज, 9600 वोटर करेंगे 22 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

Thu, 29 Aug 2019 06:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 29 Aug 2019 06:05 AM IST
विज्ञापन
9600 voters to decide the fate of 22 candidates today in DUTA election
duta

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान होगा। इसी के साथ विभिन्न शिक्षक संगठनों की ओर से मैदान में उतारे गए उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो जाएगा। 

विज्ञापन


इस बार लेफ्ट और राइट खेमे में सीधा मुकाबला होगा। कांग्रेस के दोनों खेमों ने इस बार अध्यक्ष पद पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। अब देखना है कि मैदान में उतरी राइट विंग एनडीटीएफ (भाजपा खेमा) या लेफ्ट विंग (डीटीएफ) में किसका पलड़ा भारी रहता है।
विज्ञापन


उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 9600 से अधिक शिक्षक मतदाता करेंगे। अध्यक्ष पद के लिए डीटीएफ के डॉ. राजीब रे (किरोड़ीमल कॉलेज) और एनटीडीएफ के डॉ. ए.के भागी (दयाल सिंह कॉलेज) आमने-सामने हैं। डॉ. राजीब रे दूसरी बार किस्मत आजमा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, 15 सदस्यीय डूटा कार्यकारिणी के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान सुबह 10 से शाम 5 बजे तक आर्ट्स फैकल्टी में होगा। इसके बाद 6:30  बजे मतगणना शुरू होगी। अनुमान है कि देर रात तक मतगणना पूरी कर ली जाएगी। रात 11 से 12 बजे के बीच परिणाम घोषित होने की उम्मीद है।

डूटा चुनाव अधिकारी प्रो उज्ज्वल कुमार सिंह ने कॉलेजों के प्रिंसिपल, डीन व विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर बृहस्पतिवार को शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रखने को कहा है। उल्लेखनीय है कि डूटा चुनाव दो साल में एक बार होता है। इससे पहले वर्ष 2017 में डूटा चुनाव हुआ था।

लेफ्ट और राइट में कांटे की टक्कर
एनडीटीएफ व डीटीएफ में इस बार कांटे की टक्कर है। कांग्रेस के विंग अकेडमिक्स फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट (एएडी) व इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (इंटेक) ने अध्यक्ष पद पर अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है।


इसलिए लेफ्ट और राइट के बीच सीधा मुकाबला है। लगातार चार बार से अध्यक्ष पद पर काबिज डीटीएफ पांचवीं बार भी जीतने की उम्मीद कर रहा है। डीटीएफ तदर्थ शिक्षकों के नियमतीकरण व राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर मैदान में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed