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सूरत-ए-हालः 90 फीसदी महिलाएं नहीं जातीं सार्वजनिक शौचालय
Fri, 09 Aug 2019 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 09 Aug 2019 05:59 AM IST
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public toilet
90 फीसदी महिलाएं सार्वजनिक शौचालय गंदे होने की वजह से इनका उपयोग नहीं करती हैं। वे घर से बाहर निकलने के दौरान कम ही पानी पीती हैं।
यह खुलासा आईआईटी दिल्ली के बीटेक के छात्र, पिंकिश और सैनफे के ऑनलाइन सर्वे में हुआ है। ऑनलाइन सर्वे लखनऊ, चंडीगढ़, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, बंगलूरू, चैन्नई, पुणे, पटना और कोलकाता में किया गया।
पिंकिश व सैनफे ने व्हॉट्सऐप, ईमेल व फेसबुक के माध्यम से ‘नो टू डर्टी टॉयलेट्स’ के नाम से सर्वे किया था। सैनफे के फाउंडर व आईआईटी दिल्ली के बीटेक के छात्र अर्चित अग्रवाल के मुताबिक, सर्वे में 18-50 आयु वर्ग की बीस हजार महिलाओं को शामिल किया गया था।
महिलाओं ने बताया कि गंदे सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग से बचने के लिए वे लंबे समय तक टॉयलेट नहीं जाती हैं, क्योंकि गंदे शौचालयों की वजह से उन्हें यूरीन इंफेक्शन हो चुका है, इसलिए वे घर से बाहर होने पर कम ही पानी पीती हैं।
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यह खुलासा आईआईटी दिल्ली के बीटेक के छात्र, पिंकिश और सैनफे के ऑनलाइन सर्वे में हुआ है। ऑनलाइन सर्वे लखनऊ, चंडीगढ़, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, बंगलूरू, चैन्नई, पुणे, पटना और कोलकाता में किया गया।
पिंकिश व सैनफे ने व्हॉट्सऐप, ईमेल व फेसबुक के माध्यम से ‘नो टू डर्टी टॉयलेट्स’ के नाम से सर्वे किया था। सैनफे के फाउंडर व आईआईटी दिल्ली के बीटेक के छात्र अर्चित अग्रवाल के मुताबिक, सर्वे में 18-50 आयु वर्ग की बीस हजार महिलाओं को शामिल किया गया था।
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महिलाओं ने बताया कि गंदे सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग से बचने के लिए वे लंबे समय तक टॉयलेट नहीं जाती हैं, क्योंकि गंदे शौचालयों की वजह से उन्हें यूरीन इंफेक्शन हो चुका है, इसलिए वे घर से बाहर होने पर कम ही पानी पीती हैं।
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