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बिजली निगम के 8 अधिकारी रिश्वत लेने में फंसे
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 06 Apr 2014 07:53 PM IST
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गुड़गांव में बिजली निगम के आठ अधिकारियों के खिलाफ लाखों की रिश्वत लेने का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है।
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मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद शनिवार को पुलिस ने बिजली निगम के उन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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इन अधिकारियों में बिजली निगम के विजीलेंस विभाग के अधिकारी समेत एसडीओ स्तर के अधिकारी शामिल हैं। ऐसे में बिजली निगम भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
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पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार मनीष वर्मा के प्लांट पर 5 फरवरी को बिजली निगम के विजिलेंस विभाग के एडीवी कुलबीर सिंह और हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार अचानक पहुंचे। उन्होंने प्लांट में ज्यादा बिजली लोड उपयोग करने के नाम पर फैक्ट्री मालिक को धमकाया।
आरोप है कि फैक्ट्री मालिक पर दबाव बनाने के लिए इन्होंने एसडीओ, जेई समेत सात अधिकारियों को बुला लिया। उन्होंने समझौते के नाम पर दस लाख रुपये रिश्वत की मांग की। 13 घंटों तक रही गहमागहमी के बीच अधिकारियों ने फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी बंद कराते हुए एक लाख रुपये एडवांस लेकर चले गए।
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इसके बाद अगले दिन गुड़गांव में फैक्ट्री मालिक से पांच लाख रुपये और ले लिए। आरोप है कि इसके बाद से अधिकारी चार लाख रुपये लेने के लिए उस पर लगातार दबाव बना रहे थे।
इस मामले में उन्होंने 28 फरवरी को मुख्यमंत्री हरियाणा, पुलिस महानिदेशक, बिजली निगम महानिदेशक, पुलिस कमिशभनर आलोक मित्तल को इसकी शिकायत भेजी थी।
उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद इस मामले की जांच पड़ताल की जा रही थी जिसमें शिकायत सही पाए जाने पर शनिवार को मानेसर थाना पुलिस ने मानेसर सब डिवीजन एसडीओ सचिन यादव, एसडीओ गौरव दहिया, एडीवी विजीलेंस कुलबीर सिंह, जेई हरिओम यादव, एएसआई विजीलेंस उमेश कुमार, जेई विकास चंद्र, विजीलेंस हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार, एएसआई विजिलेंस जगदीश के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद बिजली विभाग भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
हालांकि इस बारे में बिजली निगम अधिकारी कुछ बता नहीं रहे हैं लेकिन चुनावी माहौल में मामला सामने आने के बाद बने दबाव को देखते हुए सभी अधिकारियों को जल्द ही सस्पेंड कर जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इस मामले में एसीपी मानेसर संदीप मलिक के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है।