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जेलर ने संभाली कमान, पहले दिन भेजे गए 71 कैदी
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Wed, 16 Apr 2014 08:16 PM IST
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गौतमबुद्धनगर जेल में बुधवार को पहली बार 71 बंदियों को शिफ्ट कर दिया गया। सभी कैदी सजायाफ्ता हैं और अदालत से न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपियों को भी लुकसर स्थित जिला जेल में भेजा गया है।
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बंदियों के आने से पहले ही जेलर और दो डिप्टी जेलर तथा 42 बंदी रक्षक और मेस एवं अस्पताल का पूरा स्टाफ तैनात हो गया है।
जेलर आरएस यादव ने बताया कि गौतमबुद्धनगर जिला जेल में विधिवत तरीके से उन्होंने और उनके दो डिप्टी जेलर विक्रम यादव और राजन सिंह ने ज्वाइन कर लिया है। इसके अलावा अस्पताल और मैस आदि पूरी तरह चालू हैं।
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पहले दिन डासना जेल से शाम को 71 सजा याफ्ता बंदियों को भारी सुरक्षा में गौतमबुद्धनगर लाया गया है। अब हर रोज सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए कैदियों को लाया जाएगा। गौतमबुद्धनगर के 1700 कैदी डासना जेल में बंद है। उन सभी को 20 दिन के अंदर शिफ्ट कर लिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि साल 2009 में जिला जेल की नींव रखी गई थी और 144 करोड़ रुपये की लागत से 36 हैक्टेयर में बनाई गई है। मौजूदा समय में 70 बैरक चालू हैं। जिनमें महिला बैरक भी शामिल है। जेल में तीन सर्किल बनाए गए हैं। जिनमें से दो सर्किल चालू किए गए हैं।
जेलर ने बताया कि जेल में मौजूदा समय में तीन हजार से अधिक बंदियों को रखा जा सकता है और सर्किल तीन को चालू होने के बाद करीब 10 हजार बंदियों को रखा जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि यह जेल प्रदेश में सबसे बहुत और हाइटैक है। उम्मीद है कि इसे भविष्य में प्रदेश की सेट्रल जेल बनाया जा सकता है।