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DTC Buses: रोजाना 700 बसें हो रहीं खराब, यात्री परेशान, सड़कों पर खराबी आने से लग जाता है जाम

Sun, 06 Aug 2023 08:34 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 06 Aug 2023 08:34 PM IST
सार

खराब बसों में सबसे अधिक उम्र पूरी कर चुकी बसें शामिल हैं। इनमें लो फ्लोर सीएनजी बसों के साथ ई-बसें भी शामिल हैं। रोजाना 10 से 15 ई-बसें खराब हो रही हैं।

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700 DTC buses getting damaged daily in Delhi passengers upset
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : जी पाल

विस्तार

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसें सड़कों पर जहां-तहां खराब होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसों के खराब होने की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। फरवरी तक रोजाना करीब 500 बसें खराब होती थीं। वहीं, अगस्त में यह आंकड़ा 700 से ज्यादा तक पहुंच गया है। इससे यात्रियों को घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यही नहीं सड़कों पर बस खराब होने से जाम की समस्या भी बन रही है।

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खराब बसों में सबसे अधिक उम्र पूरी कर चुकी बसें शामिल हैं। इनमें लो फ्लोर सीएनजी बसों के साथ ई-बसें भी शामिल हैं। रोजाना 10 से 15 ई-बसें खराब हो रही हैं। सबसे बड़ी परेशानी इन बसों को ठीक करने में आती है। दरअसल, जिस डिपो की बस होती है, उसी डिपो से मैकेनिक को बुलाया जाता है। इससे खराब बस को सड़क किनारे तक पहुंचाने में घंटों का समय लग जाता है। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस योजना पर कार्य किया जा रहा है कि जहां से बस खराब हो वहीं पास के डिपो से मैकेनिक आ जाए। मौजूदा समय में डीटीसी के बेड़े में अभी 3992 बसें हैं, जिनमें 488 ई-बसें भी शामिल हैं। 

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बसों की मियाद हो चुकी है पूरी
डीटीसी की मौजूदा सीएनजी बसों की उम्र 12 साल या साढ़े सात लाख किलोमीटर, जो पहले हो जाए निर्धारित थी, लेकिन बसों की स्थिति और बसों की कमी को देखते हुए सरकार ने इन्हें 15 साल तक चलाने की अनुमति दी थी। अब ये बसें अंतिम चरण में हैं। इनमें से इस साल से अगले साल तक 1500 बसें सड़कों से हट जाएंगी। वर्ष 2026 तक सड़कों पर गिनी चुनी हीं मौजूदा सीएनजी बसें बचेंगी। दिल्ली में 11,000 बसों की जरूरत है, लेकिन जरूरत के हिसाब से कम बसें उपलब्ध हैं। इसमें क्लस्टर और डीटीसी को मिलाकर संख्या 7360 तक ही पहुंचती है।

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महज 26 डिपो मैनेजर
लगातार ब्रेकडाउन होने वाली बसों की मेंटेनेंस ठीक से नहीं हो पा रही है। पूर्वी, पश्चिम, दक्षिण और उत्तर जोन को मिलाकर डीटीसी के कुल 40 डिपो हैं। इनकी देखरेख करने के लिए महज 26 स्टोर मैनेजर हैं। ऐसे में कई डिपो को एक मैनेजर को निगरानी करनी पड़ रही है। डीटीसी से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लंबे समय से इन डिपो मैनेजर की भर्ती नहीं हो रही है। इससे कोई भी कार्य सतर्कता के साथ नहीं किया जा रहा है।

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