Delhi: स्ट्रीट लाइट से जगमग होंगी सड़कें-गलियां, शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने योजना को दी मंजूरी
गलियां में 10, 20 व 40 वाट की एलईडी लाइट लगाई जा रही हैं। वर्तमान में योजना के तहत कई विधानसभा क्षेत्रों के ज्यादातर डॉर्क स्पॉट में काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ इलाकों में कार्य अंतिम चरण में है। अब मुख्यमंत्री के निर्देशों पर 70 हजार अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट्स लगाने का फैसला लिया है।
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दिल्ली की सड़कें अब शाम होते ही रोशन हो जाएंगी। एलईडी लाइट से सभी विधानसभा क्षेत्रों की गलियां गुलजार होंगी। दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट योजना के तहत दिल्ली सरकार अलग-अलग इलाकों में 70 हजार और स्ट्रीट लाइट लगाने जा रही है।
जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले करीब 2.1 लाख स्ट्रीट लाइट के अतिरिक्त होंगी। योजना में लोगों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए सरकार अंधेरी गलियां की पहचान कर उन्हें रोशन करने का फैसला लिया है। शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को शहरी विकास विभाग को मौजूदा 2.1 लाख के लक्ष्य में 70 हजार अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को तयशुदा वक्त में पूरा करने के निर्देश ऐते हुए मंत्री ने कहा कि इससे दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ेंगी और अपराध को रोकने के लिए एक प्रभावी कदम होगा।
खत्म होंगे डार्क स्पॉट
गलियां में 10, 20 व 40 वाट की एलईडी लाइट लगाई जा रही हैं। वर्तमान में योजना के तहत कई विधानसभा क्षेत्रों के ज्यादातर डॉर्क स्पॉट में काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ इलाकों में कार्य अंतिम चरण में है। अब मुख्यमंत्री के निर्देशों पर 70 हजार अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट्स लगाने का फैसला लिया है। इससे दिल्ली के ब्लैक स्पाँट्स को जल्द खत्म करने में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत स्थानीय विधायक लोगों के सहयोग से अंधेरे स्थलों की पहचान करते हैं। इसके बाद भवन मालिक की अनुमति लेकर बिजली कंपनी सर्वे करती है। सर्वे के बाद जरूरत के मुताबिक उचित जगहों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाती हैं। शहरी विकास मंत्री ने पहले चरण के बचे हुए कार्यों को पूरा करने का तीनों कंपनियों को फंड जारी करने के भी निर्देश दिए।
घरों से मिलेंगी स्ट्रीट लाइट के लिए बिजली, मालिकों को राहत
भारद्वाज ने कहा कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सरकार की तरफ से लाइट लगाई जा रही है। दिल्ली में महिलाओं के साथ अंधेरी जगहों पर वारदातों को खत्म करने में यह योजना कारगर साबित होगी। स्ट्रीट लाइट के लिए भवन मालिक के घर से ही बिजली मिलती है। यूनिट के मुताबिक ही बिजली को भवन मालिक के बिल से कम कर दिया जाता है। लोग अपने घर, दुकान, गली, कहीं भी इसे लगवा सकते हैं। दिल्ली के लोग इस योजना से जुड़ने के लिए काफी उत्सुक हैं। जल्द ही दिल्ली की हर गली रोशन होंगी।
सेंसर से चलेंगी स्ट्रीट लाइट
इस योजना के तहत लगाई जा रही स्ट्रीट लाइट स्वचालित होंगी। इसमें सेंसर लगा होने की वजह से अंधेरा होने पर पर खुद जल जाएगी। सुबह सूर्योदय होते ही लाइटें बंद हो जाएंगी। दिल्ली में कार्यरत तीन कंपनियां इस योजना को लागू करने में अलग अलग कार्यों को देख रही हैं। प्रत्येक डिस्कॉम को पहले 70 हजार स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट लगाने के बाद संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसमें टाइमर और सेंसर के साथ 20/40 वाट की एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी।
महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध हैं। साल 2019 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री स्ट्रीट लाइट योजना की घोषणा की थी। इसके तहत दिल्ली में 2.1 लाख स्ट्रीट लाइट लगाने का लक्ष्य रखा गया। तीन कंपनियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
घर की दीवार पर लगाई जा सकेंगी स्ट्रीट लाइटें
मंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रावधान के तहत रास्ते में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए एमसीडी से अनुमति जरूरी है। पहले पोल लगाने की अनुमति नहीं मिलने से परेशानी होती थी। कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने की वजह से लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। सरकार तमाम योजनाओं के तहत स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रयास पिछले काफी समय से कर रही थी। एमसीडी की ओर से बार-बार अड़चनें पैदा की जा रही थी। इसे देखते हुए केजरीवाल सरकार ने अपने तरह का अनोखा प्लान बनाया। इस योजना के तहत अब मकान मालिक, विधायक और बिजली कंपनी मिलकर स्ट्रीट लाइटें लगा सकती है। खास बात यह है कि स्ट्रीट लाइट के लिए अधिक जगह नहीं चाहिए। इसे संकरी गलियों और जरूरत के मुताबिक घर की दीवार पर भी लगाया जा सकता है। इस कारण ही अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं।