पसीना-पसीना शिक्षा व्यवस्था: बिना बिजली पढ़ने को मजबूर 663 विद्यार्थी, दो साल से इस कारण गुल है विद्यालय की बत्ती
राजधानी से सटे नोएडा के मोरना उच्च प्राथमिक स्कूल में पिछले 2 साल से बिल जमा नहीं होने से विद्यालय की बिजली गुल है। वहीं स्कूल के प्रधानाचार्य ने बताया कि कई बार बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत की है और विभाग ने प्राधिकरण को पत्र भी लिखा है कि बिजली की समस्या को दूर किया जाए। लेकिन प्राधिकरण की ओर से सुनवाई नहीं हुई है।
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मार्च में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बिना पंखे के एक पल भी बैठना कठिन हो रहा है। ऐसे में देश की राजधानी से सटे नोएडा के मोरना स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पिछले 2 साल से बिजली गायब है। प्रधानाचार्य शांति पांडेय के अनुसार विद्यालय में बिजली का जो कनेक्शन है उसकी वायरिंग खराब हो गई है, जिस कारण विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे बिना बिजली के शिक्षा हासिल कर रहे हैं। बिजली का बिल भी नहीं भरा गया है।
कोरोना के बाद से ही ऐसी स्थिति बनी हुई है। बिजली न होने से पंखे भी नहीं चल रहे हैं जिस कारण गर्मी में विद्यार्थी समेत शिक्षक-शिक्षिकाएं पसीना-पसीना हो जाती हैं। स्कूल में दो बिल्डिंग बनी हुई हैं। एक प्राइमरी की और दूसरी जूनियर विद्यालय की। प्राइमरी विद्यालय में 663 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। जूनियर विद्यालय में 382 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। कुल 1045 विद्यार्थी दोनों बिल्डिंग में पढ़ रहे हैं।
प्रधानाचार्य ने बताया कि दो साल पहले तक विद्यालय में बिजली आती थी लेकिन दो साल से बिजली नहीं आ रही है। कई बार बेसिक शिक्षा विभाग को शिकायत की है और विभाग ने प्राधिकरण को पत्र भी लिखा है कि बिजली के कनेक्शन में जो समस्या है उसे ठीक किया जाए, लेकिन प्राधिकरण द्वारा कुछ काम नहीं किया गया है। हालांकि मामले की एक्नॉलेजमेंट प्राधिकरण ने कर दी है। उसके बावजूद इस ओर कोई ठोस नही बढ़ाए गए हैं। प्रधानाचार्य ने बताया कि पिछले महीने भी प्राधिकरण को पत्र लिखा गया है कि बिजली दी जाए और विद्यालय में कुछ खंडहर कमरे हैं उन्हें ठीक किया जाए। व्हाइटवॉश को लेकर भी शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक काम नहीं हुआ है। खंडहर कमरें कभी भी गिर सकते हैं और बड़ा हादसा हो सकता है।
कोरोना नियमों का नहीं हो रहा पालन
विद्यालय में कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। एक भी सैनिटाइजर मशीन विद्यालय में नहीं है। विद्यार्थी बिना मास्क के ग्राउंड में खेलते हैं और कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। शौचालयों में भी साबुन की व्यवस्था नहीं है। कई बच्चे तो स्कूल यूनिफॉर्म के बिना ही पढ़ रहे हैं।
कुछ विद्यालयों में बिजली कटी है
एबीएसए बिसरख यशपाल सिंह ने बताया कि कुछ विद्यालयों में बिजली कटी है क्योंकि बिल जमा नहीं हुआ था। बिल जमा करने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। जब तक बिल जमा नहीं होगा तब तक बिजली नहीं लौटेगी और बच्चे गर्मी में ही पढ़ते रहेंगे।