फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   5 Big problems of flat buyers in delhi NCR

फ्लैट खरीदने वालों को खून के आंसू रुलाते ये 5 मुद्दे

Sun, 13 Apr 2014 01:23 PM IST
Updated Sun, 13 Apr 2014 01:23 PM IST
विज्ञापन
5 Big problems of flat buyers in delhi NCR

खुद के आशियाने का सपना लेकर फ्लैट खरीदार अपनी गाढ़ी कमाई बिल्डरों के हाउसिंग प्रोजेक्ट में लगाता है, ताकि किराए के घर से निजात मिल जाए और भविष्य सुकून से गुजार सके, लेकिन इसके लिए तमाम दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।

विज्ञापन


बायर्स को फ्लैट का पजेशन पाने के लिए तय समय से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा अपार्टमेंट परिसर की सुविधाओं (जिम, क्लब, स्वीमिंग पूल आदि) के लिए और भी ज्यादा समय लगता है।
विज्ञापन


फ्लैट बन जाने के बाद इन सुविधाओं को विकसित किया जाता हैं। आधी-अधूरी सुविधाएं देकर बिल्डर पल्ला झाड़ लेते हैं। उस पर ये पांच मुद्दे ऐसे हैं, जिनसे सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ाते हैं फ्लैटों की कीमत

5 Big problems of flat buyers in delhi NCR

इन दिनों फ्लैट बायर्स, बिल्डरों की ओर से दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरस रहे हैं। ऊपर से किस्त और किराए की मार भी झेलते हैं।

बुकिंग के समय बायर्स जिस कीमत पर फ्लैट तय करता है, पजेशन मिलने तक उसके रेट में काफी इजाफा हो जाता है।

इनक्रीज एरिया केलकुलेशन के नाम पर बिल्डर रेट बढ़ा देते हैं, जिसके बारे में बायर्स को पहले नहीं बताया जाता, लेकिन बिल्डर पजेशन के समय बढ़ी हुई कीमत बताते हैं, जिससे बायर्स को मजबूरी में इस रकम का भी इंतजाम करना पड़ता है। इसको लेकर कई बार शिकायत भी की गई है।

पजेशन में लगता है काफी वक्त

5 Big problems of flat buyers in delhi NCR

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सबसे बड़ी समस्या फ्लैट खरीदारों को समय पर पजेशन न मिल पाना है।

नोएडा, ग्रेनो, ग्रेनो वेस्ट और एक्सप्रेसवे पर ऐसे तमाम प्रोजेक्ट हैं जो चार से पांच साल की देरी से चल रहे हैं। पजेशन की समयसीमा खत्म हो चुकी है, लेकिन निर्माण अभी भी जारी है।

इसका सीधा असर खरीदारों पर पड़ता है, जो फ्लैट की किस्त और किराए की दोहरी मार झेलते रहते हैं।

रजिस्ट्री के बिना पजेशन

5 Big problems of flat buyers in delhi NCR

प्राधिकरण से अनुमति न मिलने के कारण फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं होती, जिससे बायर्स को मालिकाना हक नहीं मिलता।

बिल्डर भी बिना रजिस्ट्री के बायर्स को पजेशन दे देते हैं। बाद में बायर्स के नाम रजिस्ट्री करने से पहले कई तरह के शुल्क वसूलते हैं।

यही नहीं एफएआर, कंपलीशन समेत कई ऐसे दंश हैं जो बायर्स को झेलने पड़ते हैं। इसके अलावा और भी कई मुद्दे हैं, जो बायर्स को खून के आंसू रुलाते हैं।

कम्प्‍लीशन में होती है देरी

5 Big problems of flat buyers in delhi NCR

प्राधिकरण ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा होने पर पजेशन लेटर जारी करता है। उससे पहले अपने सभी बकाया भुगतान जमा करवा लेता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऐसे कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट हैं, जिनका भुगतान प्राधिकरण में बकाया है और पजेशन नहीं मिल रहा।

बार-बार पड़ती एफएआर की मार
बायर्स को बार-बार एफएआर बढ़ाए जाने की मार झेलनी पड़ती है। क्योंकि प्राधिकरण एफएआर का शुल्क लेकर ही अनुमति देता है। बिल्डर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में भी इसका लाभ लेने लगते हैं। इससे प्रोजेक्ट के पजेशन में और देरी हो जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed