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महावीर एंक्लेव के एक ही घर में 50 लोग, सात संक्रमित
Sun, 19 Apr 2020 05:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 19 Apr 2020 05:33 AM IST
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महावीर एंक्लेव
- फोटो : अमर उजाला
शाम 4.30 बजे। महावीर एंक्लेव स्थित बंगाली कॉलोनी के एच ब्लॉक की गली नंबर-पांच और पांच-ए, जिन्हें हॉटस्पॉट घोषित किया गया है यहां पुलिसकर्मियों और प्रशासन के अधिकारियों के अलावा दूर-दूर तक कोई नजर नहीं आया। हैरत की बात यह है कि यहां एक ही घर में बने कमरों में अलग-अलग परिवारों के करीब 50 लोग रहते हैं। फिलहाल सभी होम क्वारंटीन हैं। सात संक्रमितों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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हॉटस्पॉट में रहने वालों की सुविधा के लिए जरूरी फोन नंबर उपलब्ध किए गए हैं, जबकि खाने-पीने, दवाइयां या किसी और जरूरी सामान की डिलीवरी करने वालों को भी वहां मौजूद पुलिस-प्रशासन की ओर से भी सहायता की जा रही है। ‘अमर उजाला’ संवाददाता ने जब हॉटस्पॉट का मुआयना किया हर तरफ वीरानी नजर आई। घरों के बाहर तो लोग बालकनी में भी नहीं दिख रहे थे। हॉटस्पॉट होने की वजह से गली को सभी तरफ से बंद कर रखा है।
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800 मीटर दूर दिखा एक सब्जी विक्रेता
गली नंबर पांच और पांच-ए के हॉटस्पॉट की आबादी करीब 800 है। इस क्षेत्र में सब्जी या जरूरी सामान की होम डिलीवरी करने वालों से पूछताछ के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा है। गली में करीब 800 मीटर तक एक सब्जी विक्रेता दिखाई दिया। अन्य सभी दरवाजे बंद थे।
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हो रही है जांच
हॉटस्पॉट में सात पॉजिटिव मामले सामने आए थे। इनमें महिला, पुरुष के अलावा 19 महीने का बच्चा भी शामिल हैं। इसके आसपास रहने वालों की भी जांच की गई है, ताकि कोई भी संदिग्ध हैं तो उनके लिए एहतियात बरतने समेत उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया की जा सकें।
सख्ती : दोपहर में चार घंटे बंद रही दुकानें, शाम को भी जल्द किया शटर डाउन
महावीर एंक्लेव कॉलोनियों में दुकानें दोपहर 12 बजे बंद कर दी गई तो शाम के वक्त दोबारा साढ़े तीन घंटे के लिए खुलीं। लॉकडाउन के दौरान खासकर जिस वक्त जरूरतमंदों के लिए खाने का वितरण किया जाता है, उस वक्त बढ़ने वाली भीड़ का असर शाम तक सड़कों पर दिखने की वजह से सुरक्षाकमियों ने मुस्तैदी बढ़ा दी है। रात आठ बजे भी मुख्य चौराहे से होकर गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ करने के बाद ही सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवी उन्हें आगे बढ़ने दे रहे हैं। कई बार थोड़ी सी ढील मिलते ही लोग लॉकडाउन की अनदेखी करते हुए सड़कों पर गैरजरूरी काम से भी निकलने लगते हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। दोपहर के वक्त डीडीए फ्लैटों में प्रवेश के सभी कई गेट बंद कर दिए गए, ताकि सब्जी, फल या रेहड़ी पर सामान बेचने वाले अंदर प्रवेश न कर सकें।