फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   400 people injured due to dog-monkey attacks reaching hospital daily in Greater Noida

आवार पशुओं का कहर: रोज अस्पताल पहुंच रहे कुत्ते-बंदरों के हमले से घायल 400 लोग, जिम्मेदार अनजान; देखें आंकड़े

Sun, 07 Apr 2024 09:35 PM IST
श्याम जी. नितेश कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
नितेश कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: श्याम जी. Updated Sun, 07 Apr 2024 09:35 PM IST
सार

ग्रेटर नोएडा में लावारिस कुत्तों व बंदरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ते-बंदरों के हमले से घायल 400 लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। ग्रेनो क्षेत्र के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है।

विज्ञापन
400 people injured due to dog-monkey attacks reaching hospital daily in Greater Noida
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दनकौर में डॉक्टर को दिखाने के अपनी बारी का इंतजार करते मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएड में लावारिस कुत्तों व बंदरों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। आलम यह है कि डाढा गांव, दादरी, बिसरख, जेवर व दनकौर में बने सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कुत्ते-बंदरों के हमले से घायल 400 लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सकों की मानें तो रोजाना 250 नए मरीजों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। जबकि बाकी दूसरी और तीसरी बार टीका लगवाने पहुंच रहे हैं।

विज्ञापन


शहर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कहीं लावारिस तो कहीं पालतू कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। यही कारण है कि ग्रेनो क्षेत्र के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की लंबी कतार लगी रहती है। इन दिनों शहर से लेकर गांवों तक लावारिस कुत्तों के झुंड दिखाई देते हैं। शासन की ओर से कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से कतरा रहे हैं। ग्रेनो के डाढ़ा गांव, दादरी, बिसरख व दनकौर में बने स्वास्थ्य केंद्रों और जेवर के सीएचसी व पीएससी की ओपीडी में प्रतिदिन 700 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। उनमें से कुत्ते व बंदरों के काटने से घायल 400 लोग हैं। 
विज्ञापन


स्वास्थ्य केंद्रों पर यह इंजेक्शन मरीजों को निशुल्क लगाए जा रहे हैं। जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए 350 से 500 रुपये तक फीस ली जाती है। लोगों का आरोप है कि गांव, कस्बे व सेक्टर में घूम रहे लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए ग्रेनो प्राधिकरण, नगर पालिका और नगर पंचायत के पास खास इंतजाम नहीं है। सेक्टर अल्फा-दो निवासी एनपी सिंह ने कहा कि सेक्टरों में सैकड़ों की संख्या में लावारिस कुत्ते घूमते रहते हैं। प्राधिकरण की ओर से पकड़ने के लिए कोई कार्रवाई नहीं जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचने वाले मरीजों के आकड़े

स्थान              कुल मरीज (करीब) नए मरीज (करीब)
जेवर 90 48-60
दनकौर 90 50-60
दादरी 82 46-55
बिसरख 80 40-50
डाढा गांव 90   60-70


रैबीज इंजेक्शन लगवाना है तो सिरिंज परचून की दुकान पर मिलेंगी
ग्रेटर नोएडा के डाढा गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉग बाइट के मरीजों को एंटी रैबीज इंजेक्शन के टीके की व्यवस्था है। जबकि अस्पताल में सिरिंज की व्यवस्था नहीं होने से मरीजों को बाहर परचून की दुकान से खरीदकर लगवानी पड़ रही है। इसके लिए मरीजों को दस रुपये अदा करने होते है। डाढा गांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुत्ते काटने से इलाज के लिए पहुंचे मिथलेश का कहना है कि सिरिंज परचून की दुकान से दस रुपये में खरीदकर लानी पड़ रही है। 



चिकित्सकों का कहना है कि सीएमओ कार्यालय से महीने में दो बार सिरिंज मिलती है। जितनी आती है उनसे मरीजों को टीका लगाया जाता है। स्वास्थ्य केंद्र के लिए सीएमओ से महीने में 800 से 1000 सिरिंज मिलती हैं। अस्पताल में सिरिंज की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मांग की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed