राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बदइंतजामी का आलम, 3000 खिलाड़ियों के लिए बस एक गद्दा और खुला आसमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैलरी में बिताई खिलाड़ियों ने रात
जीवन रास निजी संस्था द्वारा फरीदाबाद के सेक्टर 12 स्थित खेल परिसर में अखिल भारतीय स्तर की मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में असुविधा होने पर कोच, खिलाड़ी एवं उनके अभिभावकों को मंगलवार को परेशान होना पड़ा। परेशान खिलाड़ियों ने हंगामा कर दिया। चैंपियनशिप में करीब तीन हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है जिसके लिए प्रत्येक खिलाड़ी से 500 रुपये से लेकर 1200 शुल्क लिया गया, लेकिन पानी के लिए भी खिलाड़ियों को तरसना पड़ा। खिलाडिय़ों को कोई सुविधा नहीं दी गई।
हंगामे के बाद पहुंचा सरकारी टैंकर
बताया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता के लिए सेक्टर 12 खेल परिसर को 75 हजार की राशि देकर तीन दिन के लिए बुक किया गया है। संस्था द्वारा कोई सुविधा नहीं दिए जाने से अधिकांश खिलाड़ियों को ठंड में बाहर सोना पड़ा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए देश के 22 प्रदेशों से खिलाड़ी यहां पहुंचे हैं। दिल्ली से आए कोच गणेश राजपूत ने बताया कि 60 खिलाड़ियों को लेकर आए हैं। इसके लिए प्रत्येक खिलाड़ी का 1200 रुपये भुगतान किया है। लेकिन आयोजकों ने बेहद घटिया व्यवस्था की है। पीने के लिए पानी तक नहीं है।
प्रतियोगिता के लिए आए खिलाड़ियों के लिए सोने की व्यवस्था नहीं दिखी। कम संख्या में गद्दे एवं रजाई होने के कारण सभी को परेशान होना पड़ा। ठंड के कारण खिलाड़ियों को रात भर ठिठुरना पड़ा। एक गद्दे पर तीन से पांच लड़कियां गैलरी में सोती दिखीं। कई खिलाड़ियों ने रात भर जागकर सुबह का इंतजार किया। खेल परिसर में निजी संस्था द्वारा पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं की। खिलाड़ी दिनभर पानी के लिए तरसते नजर आए। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कार्यक्रम में पहुंचने की जानकारी मिलने पर लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। जिस पर सरकारी टैेंकर लाकर खिलाड़ियों की प्यास बुझाई।
तीन हजार खिलाड़ियों के प्रतियोगिता में भाग लेने के बावजूद खाने की सही व्यवस्था नहीं दिखी। खिलाड़ी खुले आसमान के नीचे खड़े होकर भोजन करते दिखे। दोपहर का भोजन खिलाड़ियों को शाम को दिया गया। कोच ने भोजन नहीं मिलने की शिकायत की, जिस पर अव्यवस्थित तरीके से भोजन कराना शुरू किया।