मैगी समेत 30 नमूने फेल, यिप्पी और नैस्ले पास्ता भी शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले साल जून माह में लिए गए नेस्ले मैगी, नेस्ले पास्ता, यिप्पी नूडल्स और टॉप रेमिन नूडल्स के नमूने फेल हो गए हैं। साथ ही नवंबर में मिठाइयों की दुकानों से लिए गए 26 अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी आगरा लैब में फेल हुए हैं।
वहीं, साइट बी स्थित एक खाद्य पदार्थ बनाने वाली फर्म द्वारा बनाई गई हल्दी में हानिकारक रंग मिलाया गया था। सभी फेल हुए सैंपल की रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी की अदालत में रखी जाएगी। जहां इन कंपनियों के विरुद्ध जुर्माना समेत सजा की कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य विभाग ने जून माह में नॉलेज पार्क स्थित अंसल मॉल के रिलायंस फ्रेश स्टोर और सूरजपुर की एक दुकान से मिले मैगी और पास्ता के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट के अनुसार दोनों के मसालों (टेस्ट मेकर) की ऐश मानक से एक फीसदी अधिक मिली है।
वहीं, हिमालय रिटेल स्टोर से लिए गए टॉप रेमन और यिप्पी के नमूने भी मानक के अनुसार नहीं मिले हैं। वहीं, तीन नवंबर में अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट में श्री केसर स्वीट्स में छेना और लड्डू के नमूने में घालमेल मिला है। उत्पाद सस्ता करने के लिए छेने में स्टॉर्च की मात्रा अधिक पाई गई है जबकि देसी घी के लड्डू वनस्पति घी से बनाए गए थे।
जेवर से लिए गए पनीर और जहांगीरपुर के ब्रह्मदेव उपाध्याय की दुकान से लिए गए छेने के नमूने में वसा की मात्रा मानक से कम मिली, कानीगढ़ की दुकान से लिए गए खोया के नमूने में वसा 30 फीसदी कम मिली तो एक्सपोमार्ट में सीजन कैटरिंग से लिए गए अजवाइन, एवीजे हाइट सोसाइटी की मोहित ट्रेडर्स से चिरौंजी, अजवाइन के नमूने फेल पाए गए।
इकोटेक-थ्री स्थित साहू फैशंस स्टोर से लिया गया हल्दी का नमूना जांच के लिए आगरा की प्रयोगशाला भेजा गया था। नमूने में पीला रंग पाया गया है जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक पाया गया है।