फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   30 crore cheated from more than 300 youth on the name of railway job

गाजियाबादः रेलवे में नौकरी के नाम पर 300 से अधिक युवाओं से 30 करोड़ ठगे

Sat, 22 Feb 2020 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद 
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 22 Feb 2020 06:37 AM IST
विज्ञापन
30 crore cheated from more than 300 youth on the name of railway job
मामले की जानकारी देते एसपी देहात - फोटो : अमर उजाला

रेलवे में ग्रुप-सी व ग्रुप-डी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए ट्रोनिका सिटी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी देहात नीरज कुमार जादौन ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपियों के कब्जे से रेलवे के फर्जी नियुक्ति-पत्र, आवेदन फार्म व मेडिकल रिपोर्ट बरामद हुई हैं। अभी तक गिरोह 300 से अधिक युवाओं से 32 करोड़ की ठगी कर चुका है। गिरोह का सरगना फरार है। 

विज्ञापन


एसपी देहात ने बताया कि ट्रोनिका सिटी पुलिस ने विकार उल उर्फ विक्की निवासी जगदीश निवासी वजीराबाद दिल्ली व सचिन सक्सेना निवासी वेस्ट आजाद नगर दिल्ली को गिरफ्तार किया है। विकार मूलरूप से फिरोजाबाद के रामगढ़ का रहने वाला है। गिरोह का मास्टर माइंड नागपुर (महाराष्ट्र) निवासी हितेश है। विकाल उल की बहन नाजिया भी गिरोह से जुड़ी है। नाजिया व हितेश की तलाश में दबिश दी जा रही है। हितेश दिल्ली में गब्बर नाम से होटल चलाता है और विकार व सचिन उसी होटल में काम करते हैं। होटल की आड़ में हितेश ठगी का नेटवर्क चलाता है।
विज्ञापन


वेबसाइट व विज्ञापनों से देते थे नौकरी का झांसा
पुलिस के मुताबिक हितेश ने अपनी एक वेबसाइट बना रखी है, जिसके जरिये वह रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देता था। इसके अलावा वह दूर-दराज के राज्यों के स्थानीय अखबारों में विज्ञापन भी निकलवाता था। जो लोग संपर्क में आते थे, हितेश उन्हें खुद रेलवे के फर्जी आवेदन फार्म भेज देता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित करवाता था फार्म
एसपी देहात ने बताया कि फार्मों को राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराने के लिए भी कहा जाता था। फार्म और लिफाफा बिल्कुल असली लगते थे, जिसके चलते कोई भी राजपत्रित अधिकारी उन्हें प्रमाणित कर देता था। झांसे में आए लोगों को भी पूरा भरोसा हो जाता था।

मेडिकल जांच के लिए बुलाते थे रेलवे हेडक्वार्टर
फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरोह आवेदक की मेडिकल जांच कराता था। जांच के लिए आवेदकों को दिल्ली स्थित रेलवे हेडक्वार्टर बड़ौदा हाउस बुलाया जाता था। वहां सचिन व विकार गेट के बाहर ही मिल जाते थे, जो मेडिकल कराने के नाम पर 5 हजार रुपये लेते थे। इसके बाद आवेदकों को रेलवे के अस्पताल ले जाया जाता था। लेकिन आरोपी अस्पताल के भीतर जाने के बजाए बाहर ही फर्जी डॉक्टर से जांच कराने का नाटक करते थे। इसके बाद आवेदकों को जल्द नियुक्ति-पत्र भेजे जाने का भरोसा देकर चलता कर दिया जाता था।

10 लाख लेकर भेजते थे नियुक्ति-पत्र
सारी प्रक्रिया से गुजरने के बाद हितेश आवेदकों से खाते में 10 लाख रुपये डालने के लिए कहता था। शिकार फंसता देख 8 लाख रुपये में भी सौदा तय कर लेता था। खाते में पैसे डालने वाले आवेदकों के पास रेलवे का नियुक्ति-पत्र भी पहुंचता, लेकिन वह फर्जी होता था। इसके बाद आवेदकों को ट्रेनिंग के लिए दिल्ली, मुंबई आदि स्थानों पर बुलाया जाता था। वहां खानापूर्ति करके उन्हें ज्वाइनिंग की डेट दे दी जाती। जब आवेदक ज्वाइन करने पहुंचते तो उन्हें ठगी का पता चलता।

रेलवे सिस्टम में सेंधमारी की होगी जांच

एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों के पास जिस तरह रेलवे के फर्जी दस्तावेज मिले हैं, उससे रेलकर्मियों व आरोपियों की मिलीभगत से मना नहीं किया जा सकता। इस दिशा में भी जांच की जाएगी। उनका कहना है कि सरगना केपकड़े जाने के बाद चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे ठगी के पीड़ित
एसपी देहात ने बताया कि गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में ठगी करते थे, जिसके चलते ठगी के पीड़ित भी उन पर आंख मूंदकर भरोसा कर रहे हैं। गिरोह का खुलासा होने के बाद भी पीड़ित आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि पुलिस को कोई गलतफहमी हुई है।

ट्रेनिंग के नाम पर गिनवाए ट्रेन व कोच
पुलिस के मुताबिक ट्रेनिंग के नाम आवेदकों को अलग-अलग राज्यों में ले जाकर उनसे रोजाना ट्रेन व उनके गिनवाए गए। वहां पर देश के अन्य हिस्सों से भी युवा थे। बाद में नियुक्ति न मिलने पर फर्जावाड़े का खुलासा हुआ। कुछ आवेदकों को अलग-अलग राज्यों में होटलों में भी रुकवाया। उन्हें रेलवे स्टेशन पर छोड़कर ट्रेन देखने के लिए छोड़ दिया जाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed