{"_id":"57bc95f64f1c1bf654d50a20","slug":"3-d-mapping-will-look-clearer-picture-see-the-developed-portion","type":"story","status":"publish","title_hn":"थ्रीडी मैपिंग में साफ दिखेगी तस्वीर, देख सकेंगे विकसित हुए हिस्से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थ्रीडी मैपिंग में साफ दिखेगी तस्वीर, देख सकेंगे विकसित हुए हिस्से
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:30 AM IST
विज्ञापन
थ्री डी मैपिंग
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राधिकरण की थ्रीडी (थर्ड डाइमेंशन) मैपिंग प्रोजेक्ट में तस्वीरें बिल्कुल साफ देखी जा सकेंगी। रिजोल्यूशन (वियोजन) 0.3 मीटर होगा। चीफ आर्किटेक्ट प्लानर (सीएपी) एससी गौड़ ने बताया कि रिजोल्यूशन के लिए नेशनल रिमोट सर्चिंग एजेंसी से बात हो गई है और इस पर सहमति भी है।
सेक्टर-18 का थ्रीडी मैप तैयार हो चुका है। वहीं बाकी पर काम चल रहा है। थ्रीडी (थर्ड डाइमेंशन) मैप बनने के बाद शहर के किसी भी बिल्डिंग को घर बैठे बिल्कुल स्पष्ट कंप्यूटर के जरिये तीन तरफ से देखा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि थ्री डी मैप से किसी भी बिल्डिंग के छोटे से छोटे हिस्से को जूम करके करीब से देखा जा सकता है। इसकी मदद से प्राधिकरण कंप्लीशन देने से पहले बिल्डिंग की हालत देख सकेगा।
विज्ञापन
जितना नक्शा पास हुआ है अगर उससे अधिक निर्माण किया गया तो उसे भी दफ्तर से ही देखा जा सकेगा। इस मैप को समय-समय पर अपडेट भी किया जाएगा। यह पता लग सकेगा कि बिल्डिंग बनाने के बाद उसके आसपास के स्थान पर इसका क्या असर पड़ा।
पूरे प्रोजेक्ट का बजट 17 करोड़
प्राधिकरण इसका इस्तेमाल विकास कार्यों केलिए भी कर सकेगा। तस्वीरें इतनी स्पष्ट होंगी कि जमीन के नीचे कहां पर जल, सीवर, बिजली व टेलीफोन लाइनें डाली गई हैं। इसे भी थ्रीडी के जरिये देखा जा सकेगा।
इससे खुदाई के दौरान ये लाइनें नहीं कटेंगी। इसे प्राधिकरण की वेबसाइट पर लोड किया जाएगा। पहले इस सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक करने पर संशय था, लेकिन सीएपी ने बताया कि शहर के विकसित हो चुके कुछ हिस्से लोग देख सकेंगे और उसे डाउनलोड कर सकेंगे। पूरे प्रोजेक्ट का बजट करीब 17 करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
सेक्टर-18 का थ्रीडी मैप तैयार हो चुका है। वहीं बाकी पर काम चल रहा है। थ्रीडी (थर्ड डाइमेंशन) मैप बनने के बाद शहर के किसी भी बिल्डिंग को घर बैठे बिल्कुल स्पष्ट कंप्यूटर के जरिये तीन तरफ से देखा जा सकेगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि थ्री डी मैप से किसी भी बिल्डिंग के छोटे से छोटे हिस्से को जूम करके करीब से देखा जा सकता है। इसकी मदद से प्राधिकरण कंप्लीशन देने से पहले बिल्डिंग की हालत देख सकेगा।
विज्ञापन
जितना नक्शा पास हुआ है अगर उससे अधिक निर्माण किया गया तो उसे भी दफ्तर से ही देखा जा सकेगा। इस मैप को समय-समय पर अपडेट भी किया जाएगा। यह पता लग सकेगा कि बिल्डिंग बनाने के बाद उसके आसपास के स्थान पर इसका क्या असर पड़ा।
पूरे प्रोजेक्ट का बजट 17 करोड़
प्राधिकरण इसका इस्तेमाल विकास कार्यों केलिए भी कर सकेगा। तस्वीरें इतनी स्पष्ट होंगी कि जमीन के नीचे कहां पर जल, सीवर, बिजली व टेलीफोन लाइनें डाली गई हैं। इसे भी थ्रीडी के जरिये देखा जा सकेगा।
इससे खुदाई के दौरान ये लाइनें नहीं कटेंगी। इसे प्राधिकरण की वेबसाइट पर लोड किया जाएगा। पहले इस सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक करने पर संशय था, लेकिन सीएपी ने बताया कि शहर के विकसित हो चुके कुछ हिस्से लोग देख सकेंगे और उसे डाउनलोड कर सकेंगे। पूरे प्रोजेक्ट का बजट करीब 17 करोड़ रुपये है।