{"_id":"5f69249b5bca841be941ab11","slug":"28-illegal-vehicle-scraping-unit-sealed-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली में प्रदूषणः 28 अवैध वाहन स्क्रैपिंग यूनिट सील, लगेगा भारी जुर्माना, मुकदमा भी होगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली में प्रदूषणः 28 अवैध वाहन स्क्रैपिंग यूनिट सील, लगेगा भारी जुर्माना, मुकदमा भी होगा
Tue, 22 Sep 2020 03:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 22 Sep 2020 03:39 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर...
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में 28 अवैध स्क्रैपिंग इकाइयों को सील कर दिया। इन इकाइयों में खराब हुए वाहनों को नष्ट करने से वायु प्रदूषण फैल रहा था।
विज्ञापन
‘व्हीकल्स एंड ऑफ-लाइफ वाहनों’(ईएलवी) के तहत 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहन जो बेकार पड़े हैं, यहां कबाड़ में बदला जाता है। दुर्घटना का शिकार हुए वाहनों को स्क्रैप में डाल दिया जाता था।
विज्ञापन
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक रिसर्च में कहा गया कि पर्यावरण को लगभग 25 प्रतिशत खतरा स्क्रैप से निकलने वाले रसायनों से हो रहा है। इसे देखने के बाद डीपीसीसी ने नंगली सकरावती, नीलोठी, मुंडका, मंगोलपुरी, मुकुंदपुर, घेवर, टिकरी कलां क्षेत्रों में जांच कर 28 अवैध वाहन स्क्रैपिंग इकाइयों को सील कर दिया है। यहां गैस कटर, ग्राइंडर और वेल्डिंग मशीनें भी जब्त की गई हैं।
विज्ञापन
ऐसी इकाइयों में कमेटी ने भारी जुर्माना लगाने के साथ मुकदमा दर्ज कराने का फैसला लिया है। वहीं पिछले साल मायापुरी इलाके में बड़ी संख्या में ऐसी स्क्रैप इकाइयों पर कार्रवाई की गई थी।
डीपीसीसी का कहना है कि वाहनों के स्क्रैप के लिए कुछ एजेंसियों को लाइसेंस दिया गया है, जो पूरे मानकों के साथ ग्रेटर नोएडा और सोनीपत सहित एनसीआर में काम कर रही है।