25000 करोड़ में साफ होगी यमुना
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राजधानी दिल्ली में यमुना पच्चीस हजार करोड़ रुपये में साफ होगी। राज्य सरकार की योजना के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाकर नदी में गंदगी नहीं जाने दी जाएगी।
साथ ही नदी के किनारों का सौंदर्यीकरण भी होगा। उपराज्यपाल नजीब जंग ने मंगलवार को योजना पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान संबंधित विभागों को जिम्मेदारी भी बांटी गई।
दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की योजना के मुताबिक, बोर्ड नदी के प्रदूषण की जांच करेगा। बोर्ड पर नदी का प्रवाह बरकरार रखने के साथ ही गंदे पानी को रोकने की भी जिम्मेदारी होगी।
जल बोर्ड की होगी अहम भूमिका
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि दिल्ली की आबादी तो तेजी से बढ़ी है लेकिन कई क्षेत्रों में अभी सीवर की सुविधा नहीं पहुंची है। इससे नालों व सीवर का गंदा पानी नदी में जा रहा है।
यमुना की गंदगी की सबसे बड़ी वजह यही है। बैठक में उपराज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सभी मुद्दों के समाधान के लिए बड़े स्तर पर सीवर सिस्टम तैयार करना होगा।
इसमें अहम भूमिका जल बोर्ड की होगी। योजना पर खर्च भी बोर्ड करेगा। साथ ही पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, डीडीए, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले नालों की सफाई करेंगे।