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आम लोगों के लिए एम्स ने उठाया बड़ा कदम
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 19 Nov 2014 08:28 PM IST
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मरीजों को मिलने वाली मुफ्त जेनेरिक दवाओं की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है। एम्स की दवा दुकान में 31 जेनेरिक दवाओं की संख्या बढ़ाई गई है। अब एम्स में मरीजों को 221 तरह की मुफ्त जेनेरिक दवा मिलेंगी। एम्स-प्रशासन की योजना है कि अगले कुछ माह में मरीजों को कम से कम 400 तरह की जेनेरिक दवा उपलब्ध करा दी जाएं।
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एम्स के ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों में करीब आठ हजार मरीजों को अस्पताल से मुफ्त जेनेरिक दवा मिलती है लेकिन दवा दुकान में कई बार जेनेरिक दवा उपलब्ध नहीं होने पर मरीज को बिना दवा के वापस लौटना पड़ता था। इसी वजह से जेनेरिक दवाओं के प्रकार में बढ़ोतरी की गई है।
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एम्स के डिप्टी सेक्रेट्री संजीव चतुर्वेदी ने आदेश जारी कर चिकित्सकों को जेनेरिक दवा लिखने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा गया है कि यदि ब्रांडेड दवा लिखना जरूरी है तो डॉक्टरों को यह स्पष्ट करना होगा कि जेनेरिक दवा की जगह ब्रांडेड दवा क्यों लिखी गई।
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इस संबंध में मार्च-2014 में भी एक आदेश जारी किया गया था। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की ओर से भी इसी वर्ष जनवरी में सर्कुलर जारी कर कहा गया था सरकारी अथवा आईएमसी एक्ट के अंतर्गत आने वाले डॉक्टर मरीजों को जेनेरिक दवा ही लिखें।