खालिद और अनिर्बन के कमरे की तलाशी लेना चाहती है दिल्ली पुलिस
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जेएनयू कैंपस में 9 फरवरी को आयोजित अफजल गुरू का शहादत दिवस मनाने और देशद्रोही नारेबाजी की घटना पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 लोगों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
चीफ प्रॉक्टर ऑफिस के सूत्रों के मुताबिक आरोपी छात्रों के लिए जारी किए गए इस नोटिस में कन्हैया कुमार , एबीवीपी के सौरभ शर्मा, अनिर्बन और उमर खालिद का नाम शामिल है। इसके अलावा वहीं दूसरी ओर देशविरोधी नारेबाजी की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में स्पेशल सेल ने अनिर्बन और उमर खालिद के कमरे की तलाशी की बात कही है।
आपको बता दें कि देश विरोधी नारे लगाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 10 फरवरी को एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया था जिसने 11 मार्च को अपनी जांच रिपोर्ट विश्विद्यालय को सौंप दी थी।
11 मार्च को आई थी हाईलेवल जांच कमेटी की रिपोर्ट
हालांकि इस रिपोर्ट में आठ छात्रों के निलंबन वापसी के जिक्र की बात चल रही थी, और कहा गया था कि मामले पर आखिरी फैसला यूनिवर्सिटी के वीसी एम जगदीश कुमार को लेना है। इस कमेटी में प्रो. राकेश भटनागर चेयरमैन थे और प्रोफसर एचबी बोहिदार व प्रोफेसर सुमन धर सदस्य। वहीं कमेटी को छात्रसंघ और शिक्षक यूनियन ने मानने से इंकार कर दिया था।
इसके बाद कुलपति ने शिक्षक यूनियन के दबाव में आकर साहित्य व संस्कृति अध्ययन स्कूल के प्रोफेसर जीजेवी प्रसाद और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन स्कूल के प्रो. उम्मू सलमा बाबा को भी कमेटी में शामिल कर लिया था।
कमेटी की रिपोर्ट पहले 22 फरवरी को आनी थी, लेकिन दो नए सदस्य शामिल होने के चलते उसकी डेडलाइन तीन मार्च रखी गई। उसके बाद कमेटी को जांच रिपोर्ट देने के लिए 11 मार्च का समय दिया गया था।