फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   20 flats built instead of eight in Rajendra Nagar, Ghaziabad three supervisors suspended

गाजियाबाद: राजेंद्र नगर में एक यूनिट पर आठ के बजाय बना दिए 20 फ्लैट, तीन सुपरवाइजर निलंबित

Thu, 29 Aug 2019 05:33 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: देव कश्यप Updated Thu, 29 Aug 2019 05:33 AM IST
विज्ञापन
20 flats built instead of eight in Rajendra Nagar, Ghaziabad three supervisors suspended
प्रतीकात्मक तस्वीर

मानकों को ताक पर रखकर एकल यूनिट भूखंड पर तादात से अधिक फ्लैट बनाने के मामले में जीडीए जोन-सात के राजेंद्रनगर में बड़ी लापरवाही सामने आई है। एकल यूनिटों के जांच के बढ़ते दायरे में आए राजेंद्रनगर में बड़े पैमाने पर बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन हुआ है। निर्माणाधीन बिल्डिंगों की जांच में एक यूनिट पर 15 से 20 फ्लैटों का निर्माण होता मिला। जीडीए उपाध्यक्ष ने जोन-सात प्रवर्तन अनुभाग के तीन सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया है। जोन-सात के जेई मनोज वरिष्ठ के निलंबन की शासन को संस्तुति की गई है। निलंबित किए गए सुपरवाइजर में रणजीत सिंह, रजनीश शर्मा और अजीत राणा शामिल हैं। उधर, इसी सप्ताह 10 निर्माणाधीन बिल्डिंगों पर सील करने की कार्रवाई होगी। 

विज्ञापन


वहीं, जोन-सात के प्रवर्तन प्रभारी आरपी सिंह और सहायक प्रभारी मनोज सागर को जोन से हटा दिया गया है। जोन-सात में जीडीए की ओर से अवैध निर्माण पर नजर रखने को गठित की गई कमेटी की ओर से 10 निर्माणाधीन बिल्डिंगों की जांच में यह मामला सामने आया। इन बिल्डिंगों में सबसे कम एकल यूनिट पर 15 और अधिकांश 20 फ्लैटों का निर्माण होते हुए पाया गया। ऐसे में अब जीडीए इन निर्माणाधीन बिल्डिंगों के बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी कर रहा है। जीडीए की लगातार जारी कार्रवाई से बिल्डरों के साथ जीडीए अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जोन-सात में जांच का दायरा और बढ़ने से अवैध निर्माण का पता चलेगा।
विज्ञापन


सभी 10 बिल्डिंग पहले सील और फिर ध्वस्त होंगी
जीडीए अधिकारियों के मुताबिक राजेंद्रनगर में चिह्नित की गई 10 निर्माणाधीन बिल्डिंगों को इसी सप्ताह सील करने की कार्रवाई की जाएगी। फिर नोटिस का वाजिब जवाब नहीं देने पर बिल्डिंगों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। बिल्डिंगों के निर्माण में लगे बिल्डरों पर एफआईआर करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जोन-सात प्रवर्तन प्रभारी व सहायक प्रभारी को हटाने के बाद अन्य एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को जोन का हिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में जोन-सात में जांच का दायरा राजेंद्रनगर से आगे बढ़ते हुए शालीमार गार्डन तक पहुंच सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

292 एकल यूनिटों की हुई जांच, नपेंगे 2014 से अब तक के अधिकारी

जीडीए की ओर से इंदिरापुरम, राजेंद्रनगर, शालीमार गार्डन, इंद्रप्रस्थ सहित कुल नौ कॉलोनियों में एकल यूनिटों पर हुए अवैध निर्माण की जांच की जा रही है। इंदिरापुरम व राजेंद्रनगर में अब तक 282 एकल यूनिटों की हुई जांच में क्षमता से अधिक नक्शे के विपरीत फ्लैटों के निर्माण का मामला सामने आया है। ऐसे में जीडीए के प्रवर्तन अनुभाग में 2014 से अब तक तैनात रहे अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। जीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर कमेटी अगले सप्ताह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। ऐसे में दोषी सुपरवाइजर को निलंबित करने और जेई व जोन प्रभारियों पर कार्रवाई की संस्तुति शासन को की जाएगी।

इंदिरापुरम में 16 बिल्डरों पर हुई थी एफआईआर
एकल यूनिटों पर बिल्डिंगों बायलॉज का बडे़ पैमाने पर उल्लंघन जीडीए जोन-6 के इंदिरापुरम में हुआ था। यहां जांच में 250 वर्ग मीटर की एक यूनिट पर 28 फ्लैट के निर्माण का मामला सामने आया। तय क्षमता से अधिक फ्लैट के निर्माण के मामले में जीडीए ने 16 बिल्डरों पर एफआईआर को तहरीर दी थी।

जोन-सात के राजेंद्रनगर में एकल यूनिट की जांच में तय क्षमता से अधिक फ्लैटों का मामला सामने आया। मामले में सुपरवाइजर को तत्काल निलंबित करने और जेई के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। जोन प्रभारी व सहायक प्रभारी को हटा दिया गया है। दोषी बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed