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आज ही के दिन हुआ था ये 'दर्दनाक हादसा'

Fri, 13 Jun 2014 08:38 AM IST
Updated Fri, 13 Jun 2014 08:38 AM IST
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17th years over of Uphaar tragedy

उपहार अग्निकांड मामले की शुक्रवार को 17वीं बरसी है। उपहार हादसा तो एक ही हुआ था, मगर दोषियों व जांच एजेंसी सीबीआई के रवैये से चार मामले बन गए हैं। इनमें से दो मामले पिछले सात वर्ष से एक भी कदम आगे नहीं बढ़ पाए।

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मुख्य हादसे के मामले में निचली अदालत व हाईकोर्ट अपना फैसला दे चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय भी तय कर चुका है कि मामले में अंसल बंधु व अन्य दोषी हैं, लेकिन उनकी आयु को लेकर खंडपीठ के बीच मतभेद हो गए।
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अब मामला तीन सदस्यीय पीठ के पास विचाराधीन है। हादसे में मारे गए निर्दोष बच्चों, युवाओं व बजुर्गों के पारिवारिक सदस्य आज भी न्याय पाने के लिए अदालतों के चक्कर काट रहे हैं।

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छह अभियुक्तों की भी हो गई मौत

17th years over of Uphaar tragedy

17 वर्ष बीतने पर भी मुख्य मामला भी अपने अंतिम पड़ाव पर नहीं पहुंच पाया व जल्द फैसले की संभावना नजर नहीं आ रही।

वहीं इन से जुड़े एक मामले में हाल ही में अभियोग तय हुए हैं तो दो अन्य मामलों में अभियोग कब तय होंगे और कब नतीजा आएगा अभी निश्चित नहीं है।

दरअसल एक न्यायमूर्ति ने फैसले में कहा कि अंसल बंधुओं की वृद्ध आयु को देखते हुए उनकी सजा घटाकर एक वर्ष कर दी जाए जबकि दूसरे न्यायमूर्ति ने उन्हें दो वर्ष कैद की सजा देने को कहा था। इस लंबी सुनवाई के दौरान कुल 16 में से 6 अभियुक्तों की मौत हो चुकी है।

दो मामले जिनमें अभियोग भी तय नहीं

17th years over of Uphaar tragedy

उपहार मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित नीलम कृष्णमूर्ति व अन्य को धमकाने, जान से मारने की धमकियां देने, महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने व लोकसेवक के आदेश की अवज्ञा करने के मामले में अंसल बंधुओं के अलावा उनके कर्मचारी प्रवीण शर्मा व दीपक कथपालियां के खिलाफ मामला विचाराधीन है।

उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई 2007 को एकतरफा सुनवाई में निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी थी और पिछले सात वर्ष से बिना सुनवाई के ही मामला लंबित है और इस पर सुनवाई अब 10 जुलाई 2014 तय है।

तत्कालीन डीसीपी लाइसेंसिंग पर भी केस

17th years over of Uphaar tragedy

उपहार सिनेमा हाल की बालकनी में अतिरिक्त सीटें लगवा कर रास्ता बंद करवाने के आरोप में तत्कालीन डीसीपी लाइसेंसिंग आमोद कंठ भी फंसे हुए हैं।

कंठ ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित विभाग से मंजूरी न लेने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर चुनौती दी, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। कंठ ने अब सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी और मामला विचाराधीन है। इसी कारण इस मामले में साकेत अदालत में भी सुनवाई नहीं हो पा रही।

शुक्रवार 13 जून को इस दर्दनाक अग्निकांड की 17वीं बरसी है। इसमें 59 दर्शक मारे गए थे और करीब 100 से ज्यादा घायल हुए थे। मृतकों को उनके परिजन व शुभचिंतक उनकी याद में बने ग्रीन पार्क एक्टेंशन स्थित स्मृति उपवन में प्रात: 9 बजे श्रद्धांजलि देंगे।

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