केंद्रीय मंत्री बोले: जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के 16 अधिकारियों को आईएएस में किया गया है शामिल
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि महत्वपूर्ण समय में अधिकारियों की कमी की समस्या सुलझाने के लिए डीओपीटी के प्रतिनियुक्ति नियमों में ढील के कारण जम्मू-कश्मीर में विभिन्न स्तरों पर विभिन्न सेवाओं और संवर्गों के 22 अधिकारियों का पदस्थापन हुआ है।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में पदस्थापन (पोस्टिंग) के लिए आईएएस व अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के प्रतिनियुक्ति नियमों में ढील दी गई। उन्होंने बताया कि महत्वपूर्ण समय में अधिकारियों की कमी की समस्या सुलझाने के लिए डीओपीटी के प्रतिनियुक्ति नियमों में ढील के कारण जम्मू-कश्मीर में विभिन्न स्तरों पर विभिन्न सेवाओं और संवर्गों के 22 अधिकारियों का पदस्थापन हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस में शामिल करने में जम्मू-कश्मीर, गृह मंत्रालय व संघ लोक सेवा आयोग के साथ तालमेल में प्रमुख भूमिका निभाई है। इसके कारण हाल में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के 16 अधिकारियों को आईएएस में शामिल किया गया है और आठ अन्य रिक्तियां जल्द भरी जाएंगी, जिससे जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशसनिक सेवा के विभिन्न वरीयता के अधिकारियों का प्रशिक्षण लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (एलबीएसएनएए) के सहयोग से किया गया। इससे जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और 200 से अधिक कार्यालयों को एक नया स्तर प्रदान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों के लिए विशेष रियायत प्रोत्साहन की भी जानकारी दी।