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अनाज मंडी अग्निकांड : 14 घायलों समेत 16 और आरोपी होंगे गिरफ्तार
Wed, 11 Dec 2019 10:12 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 11 Dec 2019 10:12 PM IST
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delhi anaj mandi fire
- फोटो : पीटीआई
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अनाज मंडी अग्निकांड में अपराध शाखा 16 लोगों को गिरफ्तार करेगी। इनमें 14 किराएदार हैं, जो अग्निकांड में घायल हुए हैं। इन लोगों ने भी इमारत में अवैध रूप से यूनिट लगा रखी थी। पुलिस इमारत के दो अन्य मालिकों इमरान व सोहेल की भी तलाश कर रही है। उनकी तलाश में मंगलवार रात मॉडल बस्ती समेत कई जगहों पर छापेमारी की गई।
अपराध शाखा की जांच में पता चला है कि इमारत के मालिकों ने किसी भी यूनिट मालिक व किराएदार के साथ किसी तरह का एग्रीमेंट नहीं कर रखा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमारत में सभी मंजिलों पर ज्यादातर मजदूर सीढ़ियों की चौखट पर सोते थे।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौके से ऐसे सबूत नहीं मिले हैं, जिनसे साबित हो सके कि मालिकों ने कितने लोगों को इमारत के कमरे किराए पर दिए थे। मकान मालिक व किराएदारों के बीच होने वाला किसी तरह का एग्रीमेंट भी नहीं मिला है।
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मौके से सिर्फ इमारत मालिक को दिए जाने वाले किराए की डायरी मिली है। इसमें लिखा है कि मकान मालिकों को कब और कितना पैसा दिया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत के तीन मालिक हैं। इमारत में 13 कमरे रेहान, उसके साले सोहेल के तीन और भाई के दो कमरे हैं। इन्होंने किसी का भी पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया था। जांच में पता चला कि पुलिस ने 15 अगस्त के मौके पर वेरिफिकेशन अभियान के दौरान कुछ किराएदार यूनिट मालिक के पहचान पत्र जरूर लिए थे।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, अग्निकांड में अभी 16 और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। रेहान व फुरकान गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस सोहेल व इमरान की तलाश कर रही है। इन्होंने 15 किराएदारों को कमरे किराए पर दे रखे थे। इन किराएदारों ने कमरों में यूनिटें लगा रखी थीं। इनमें से एक किराएदार इमरान की मौत हो चुकी है। 14 किराएदारों में ज्यादातर घायल हैं।
पुलिस इनके ठीक होने का इंतजार कर रही है। इसके बाद पुलिस इन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत की ऊपरी दो मंजिलें अवैध थीं और इसका निर्माण वर्ष 2007-08 में हो गया था। पुलिस को इमारत के अंदर पार्टी होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। रेहान ने पूछताछ में कहा था कि अग्निकांड वाली रात इमारत में किराएदारों ने पार्टी की थी। इस कारण वहां ज्यादा लोग थे।
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अपराध शाखा की जांच में पता चला है कि इमारत के मालिकों ने किसी भी यूनिट मालिक व किराएदार के साथ किसी तरह का एग्रीमेंट नहीं कर रखा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमारत में सभी मंजिलों पर ज्यादातर मजदूर सीढ़ियों की चौखट पर सोते थे।
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अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौके से ऐसे सबूत नहीं मिले हैं, जिनसे साबित हो सके कि मालिकों ने कितने लोगों को इमारत के कमरे किराए पर दिए थे। मकान मालिक व किराएदारों के बीच होने वाला किसी तरह का एग्रीमेंट भी नहीं मिला है।
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मौके से सिर्फ इमारत मालिक को दिए जाने वाले किराए की डायरी मिली है। इसमें लिखा है कि मकान मालिकों को कब और कितना पैसा दिया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत के तीन मालिक हैं। इमारत में 13 कमरे रेहान, उसके साले सोहेल के तीन और भाई के दो कमरे हैं। इन्होंने किसी का भी पुलिस वेरीफिकेशन नहीं कराया था। जांच में पता चला कि पुलिस ने 15 अगस्त के मौके पर वेरिफिकेशन अभियान के दौरान कुछ किराएदार यूनिट मालिक के पहचान पत्र जरूर लिए थे।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार, अग्निकांड में अभी 16 और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। रेहान व फुरकान गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस सोहेल व इमरान की तलाश कर रही है। इन्होंने 15 किराएदारों को कमरे किराए पर दे रखे थे। इन किराएदारों ने कमरों में यूनिटें लगा रखी थीं। इनमें से एक किराएदार इमरान की मौत हो चुकी है। 14 किराएदारों में ज्यादातर घायल हैं।
पुलिस इनके ठीक होने का इंतजार कर रही है। इसके बाद पुलिस इन्हें पूछताछ के लिए बुलाएगी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत की ऊपरी दो मंजिलें अवैध थीं और इसका निर्माण वर्ष 2007-08 में हो गया था। पुलिस को इमारत के अंदर पार्टी होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। रेहान ने पूछताछ में कहा था कि अग्निकांड वाली रात इमारत में किराएदारों ने पार्टी की थी। इस कारण वहां ज्यादा लोग थे।