{"_id":"5dc2256d8ebc3e5b592d10bf","slug":"14-crore-fine-for-spreading-air-pollution-99202-challan","type":"story","status":"publish","title_hn":"वायु प्रदूषण फैलाने पर 14 करोड़ का जुर्माना, 99202 चालान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वायु प्रदूषण फैलाने पर 14 करोड़ का जुर्माना, 99202 चालान
Wed, 06 Nov 2019 07:14 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 06 Nov 2019 07:14 AM IST
विज्ञापन
fine demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वायु प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाईयों सहित निर्माण कार्यों और धूलकणों पर नियंत्रण न करने पर सख्ती करते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) ने पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तौर पर 14 करोड़ रुपये का जुर्माना किया है।
विज्ञापन
कार्रवाई के लिए डीपीसीसी, डीएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, जिलाधिकारियों सहित एमसीडी अधिकारियों की 300 टीमें गठित की गई थीं। टीमों की तरफ की गई कार्रवाई में वायु प्रदूषण फैलाने पर 99202 चालान भी किए गए हैं।
विज्ञापन
कार्रवाई के दौरान गठित टीम के सदस्यों ने निर्माण मलबा, कूड़ा जलाने, निर्माण कार्यों सहित वायु प्रदूषण के लिए जिम्मेवार तमाम कार्यों के चालान किए गए हैं। इसके तहत कुल 19100 जगहों का टीमों ने दौरा किया।
विज्ञापन
टीम की तरफ से की गई कार्रवाई में 13.99 करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया। विशेष अभियान के तहत एमसीडी और लोक निर्माण विभाग की ओर से 29044 मीट्रिक टन मलबा हटाया गया है।
अभियान के तहत डीपीसीसी ने पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, एनबीसीसी, दिल्ली विकास प्राधिकरण को निर्माण कार्यों के दौरान धूलकणों पर नियंत्रण न रखकर नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की गई है। पिछले 15 दिनों के दौरान एजेंसियों ने 57 लाख रुपये जमा करवाए हैं।
रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट पर नियमों की अनदेखी पर सर्वाधिक पर भारी जुर्माना किया गया है। ईपीसीए की ओर से जेन सेट पर 15 मार्च, 2020 तक पाबंदी होने की वजह से टीमें लगातार आदेशों की अनदेखी करने वालों पर नजर रख रही है।