Budget 2025: दिल्ली पुलिस को मिले 12259.16 करोड़, जेल में भी दिखेगा सुधार; जानें किस विभाग पर कितना होगा खर्च
यूरोप की तरह भारत की जेलों में सुधार को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है। यही वजह है कि देशभर की जेलों के आधुनिकीकरण के लिए आम बजट में इस बार 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
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दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने और उसको लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा शहर के यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी भी पुलिस के हवाले है। यही वजह है कि हर साल आम बजट में दिल्ली पुलिस के लिए कुछ न कुछ खास रहता ही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट में दिल्ली पुलिस को कुल 12259.16 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इसमें 943.53 करोड़ रुपये पुलिस कार्यालय, भवन और आवासीय परिसर जैसी परियोजनाओं के लिए खर्च किए जाएंगे।
वर्ष 2024-25 के मुकाबले इस बार 791.54 करोड़ रुपये अतिरिक्त का प्रावधान किया गया है। पिछली बार आम बजट में दिल्ली पुलिस को 11467.62 करोड़ की राशि मिली थी। 2024-25 में कार्यालय, भवन और आवासीय परिसर के लिए 447 करोड़ का प्रावधान किया गया था। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के आम बजट में इंफ्रा के लिए अलग से 327.50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 616.03 करोड़ की बाकी रकम को दूसरे प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नए बजट के प्रावधान से बेहतर पुलिससिंग में मदद मिलेगी।
दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों को मिलेगा फायदा
यूरोप की तरह भारत की जेलों में सुधार को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है। यही वजह है कि देशभर की जेलों के आधुनिकीकरण के लिए आम बजट में इस बार 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में यह राशि महज 75 करोड़ थी। इस साल इसे 225 करोड़ बढ़ा दिया गया है। बता दें कि इसका सीधा फायदा दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों को मिलेगा। राजधानी में तीन जेल तिहाड़, मंडोली और रोहिणी है। यहां फिलहाल करीब 19430 कैदी बंद हैं।
गरीब कैदियों की मदद का बजट भी बढ़ा
जेलों में बंद जो कैदी सजा के दौरान जुर्माना या जमानत की राशि नहीं भर पाते हैं, उन कैदियों के लिए भी बजट में पांच करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में यह राशि महज एक करोड़ रुपये थी। इस साल इसे चार करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया है। इससे सीधे तौर पर गरीब कैदियों को मदद मिलेगी।
फोरेंसिक इंफ्रा के लिए 250 करोड़
अपराध होने के बाद आरोपी को उसके मुकाम तक पहुंचने के लिए फॉरेंसिक लैब महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहीं हैं। इसकी मदद से अपराधियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने में मदद मिलती है। यही वजह है कि आज बजट में फॉरेंसिक इंफ्रा के लिए इस बार 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें 212 करोड़ रुपये लैब, भवन दफ्तर व दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। पिछली बार फॉरेंसिक इंफ्रा के लिए कुल 44.06 करोड़ का प्रावधान किया गया था।
सीसीटीएनएस के लिए 587 करोड़
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के लिए इस बार 587.97 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2024-25 में यह राशि महज 160.12 करोड़ रुपये थी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह राशि तमाम राज्यों के क्रिमिनल डाटा और ट्रेकिंग नेटवर्क को मजबूत करने में इस्तेमाल की जाएगी। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के सभी राज्य सीसीटीएनएस के जरिये एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, वहां वह तमाम सूचनाएं एक दूसरे से शेयर करते हैं।