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अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2025: ऐसे अत्याधुनिक हथियार, सुरक्षा प्रणाली का चेहरा बदल सकती हैं नई तकनीक
Sat, 02 Aug 2025 08:01 AM IST
अनुज कुमार
ज्योति सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योति सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 02 Aug 2025 08:01 AM IST
सार
भारत मंडपम में 10वें अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2025 चल रहा है। जहां डावेल लाइफसाइंस प्राइवेट लिमिटेड ने ऐसी तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया, जो देश की सुरक्षा प्रणाली का चेहरा बदल सकती हैं।
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भारतंडपम में आयोजित पुलिस एक्सपो में दिखी नई तकनीक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आज का भारत केवल सीमाओं पर नहीं, सड़कों, विद्यालयों, खेतों और न्यायालयों में भी सुरक्षा के लिए सजग है। इसकी झलक भारत मंडपम में आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2025 में दिखाई दी। इस अवसर पर डावेल लाइफसाइंस प्राइवेट लिमिटेड ने ऐसी तकनीकों का सजीव प्रदर्शन किया, जो आने वाले समय में देश की सुरक्षा प्रणाली का चेहरा बदल सकती हैं।
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही, देश की पहली 8के फिंगरप्रिंट टैबलेट। बिना किसी पाउडर या रसायन के यह यंत्र वारदात स्थलों से अदृश्य उंगलियों के निशान पकड़ने में सक्षम है। ये इतने सूक्ष्म और स्पष्ट चित्रों को प्रदर्शित कर सकते हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए थे। इसका प्रयोग अदालतों में साक्ष्य के रूप में भी किया जा सकेगा, जिससे न्याय मिलने की गति तेज होगी। अत्याधुनिक सुरक्षा समाधान देखकर दर्शकों की आंखों में उम्मीद की चमक और दिलों में विश्वास की लहर दौड़ गई।
प्रदर्शनी में इन प्रमुख तकनीकों ने सबको आकर्षित किया
भारत की पहली बिना पाउडर की यह तकनीक अपराध स्थलों से सूक्ष्मतम उंगलियों के निशान बेहद स्पष्ट रूप में कैद करती है। इससे अपराध के साक्ष्य और भी सटीक होंगे।
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क्यू-श्योर (मूल्यता जांच प्रणाली)
बीज, उर्वरक और दवाओं की असलियत को यह उपकरण चुटकियों में उजागर कर देता है। यह किसानों, उपभोक्ताओं और दवा नियामक एजेंसियों के लिए बहुत उपयोगी है।
एग्रीविजिल
खेतों में मिलावटखोरी पर लगाम लगाने वाली यह प्रणाली पूरे देश में नकली कृषि उत्पादों की पहचान कर चुकी है। इसमें मोबाइल किट के ज़रिए तत्काल जांच संभव है।
सो-टॉक्सा (नशीली दवाओं की त्वरित जांच)
यह छोटा-सा यंत्र मौके पर ही थूक से यह पता लगा सकता है कि किसी ने नशीली चीज का सेवन किया है या नहीं। पुलिस के लिए यह एक वरदान साबित होगा, विशेषकर सड़क सुरक्षा और युवा जागरूकता अभियानों में।
रोडशील्ड
यह तकनीक दुर्घटनाओं की जानकारी एकत्र करने और नशे में वाहन चलाने वालों पर नज़र रखने में सक्षम है। इसमें सो-टॉक्सा और फैरो तकनीक का उपयोग होता है।
सेफ कैंपस ग्रिड
विद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा के लिए बनाई गई यह प्रणाली कैमरों, चेतावनी प्रणाली और त्वरित सहायता यंत्रों से युक्त है।
फैरो 3डी स्कैनर
यह यंत्र अपराध और दुर्घटना स्थलों की सटीक 3डी छवि तैयार करता है, जो अदालतों में ठोस साक्ष्य के रूप में काम आती है।
स्पीयर प्रणाली
पुलिस के लिए बनाई गई यह प्रणाली मोबाइल पर अपराध दस्तावेज़ बनाने, कैमरों से निगरानी और डिजिटल प्रमाण संकलन को सरल बनाती है।
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इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत रही, देश की पहली 8के फिंगरप्रिंट टैबलेट। बिना किसी पाउडर या रसायन के यह यंत्र वारदात स्थलों से अदृश्य उंगलियों के निशान पकड़ने में सक्षम है। ये इतने सूक्ष्म और स्पष्ट चित्रों को प्रदर्शित कर सकते हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए थे। इसका प्रयोग अदालतों में साक्ष्य के रूप में भी किया जा सकेगा, जिससे न्याय मिलने की गति तेज होगी। अत्याधुनिक सुरक्षा समाधान देखकर दर्शकों की आंखों में उम्मीद की चमक और दिलों में विश्वास की लहर दौड़ गई।
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प्रदर्शनी में इन प्रमुख तकनीकों ने सबको आकर्षित किया
भारत की पहली बिना पाउडर की यह तकनीक अपराध स्थलों से सूक्ष्मतम उंगलियों के निशान बेहद स्पष्ट रूप में कैद करती है। इससे अपराध के साक्ष्य और भी सटीक होंगे।
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क्यू-श्योर (मूल्यता जांच प्रणाली)
बीज, उर्वरक और दवाओं की असलियत को यह उपकरण चुटकियों में उजागर कर देता है। यह किसानों, उपभोक्ताओं और दवा नियामक एजेंसियों के लिए बहुत उपयोगी है।
एग्रीविजिल
खेतों में मिलावटखोरी पर लगाम लगाने वाली यह प्रणाली पूरे देश में नकली कृषि उत्पादों की पहचान कर चुकी है। इसमें मोबाइल किट के ज़रिए तत्काल जांच संभव है।
सो-टॉक्सा (नशीली दवाओं की त्वरित जांच)
यह छोटा-सा यंत्र मौके पर ही थूक से यह पता लगा सकता है कि किसी ने नशीली चीज का सेवन किया है या नहीं। पुलिस के लिए यह एक वरदान साबित होगा, विशेषकर सड़क सुरक्षा और युवा जागरूकता अभियानों में।
रोडशील्ड
यह तकनीक दुर्घटनाओं की जानकारी एकत्र करने और नशे में वाहन चलाने वालों पर नज़र रखने में सक्षम है। इसमें सो-टॉक्सा और फैरो तकनीक का उपयोग होता है।
सेफ कैंपस ग्रिड
विद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों की सुरक्षा के लिए बनाई गई यह प्रणाली कैमरों, चेतावनी प्रणाली और त्वरित सहायता यंत्रों से युक्त है।
फैरो 3डी स्कैनर
यह यंत्र अपराध और दुर्घटना स्थलों की सटीक 3डी छवि तैयार करता है, जो अदालतों में ठोस साक्ष्य के रूप में काम आती है।
स्पीयर प्रणाली
पुलिस के लिए बनाई गई यह प्रणाली मोबाइल पर अपराध दस्तावेज़ बनाने, कैमरों से निगरानी और डिजिटल प्रमाण संकलन को सरल बनाती है।
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