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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   1,000 machines will collect trash from Delhi's streets; 150 have arrived.

Delhi NCR News: दिल्ली की सड़कों से कूड़ा उठाएंगी 1000 मशीनें, 150 पहुंचीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 17 Oct 2026 08:37 PM IST
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पहले चरण में 50 मशीनों को हरी झंडी, सभी 250 वार्डों में होंगी तैनात
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कूड़ा संग्रहण वाहनों की कमान संभालेंगी 35 महिला ड्राइवर, 15 से 30 साल की योजना पर काम

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बिखरे कूड़े की सफाई के लिए नगर निगम के सभी 250 वार्डों में 1000 बैटरी चालित यांत्रिक कूड़ा संग्रहण मशीनें तैनात की जाएंगी। इनमें से 150 मशीनें दिल्ली पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष मशीनें एक महीने के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सरिता विहार के एम ब्लॉक में स्थायी कूड़ा संपीड़न एवं स्थानांतरण केंद्र (एफसीटीएस) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पहले चरण की 50 मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। घर-घर से कूड़ा एकत्र करने वाले वाहनों को भी रवाना किया गया। सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 35 महिला चालकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन करीब 15 हजार मीट्रिक टन कूड़ा उत्पन्न होता है, जबकि पहले इसमें से केवल छह से सात हजार मीट्रिक टन कूड़े का ही प्रसंस्करण हो पाता था। इससे कूड़ा भराव स्थलों पर दबाव बढ़ता गया। सरकार का लक्ष्य प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले कूड़े का उसी दिन वैज्ञानिक प्रसंस्करण और उचित निस्तारण करना है। इसके लिए नए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने, मौजूदा संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने, ई-कचरा केंद्र स्थापित करने और गोबर से बायोगैस बनाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार 15 से 30 वर्ष की दीर्घकालिक योजना के तहत दिल्ली की सफाई व्यवस्था को मजबूत कर रही है।
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दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में बढ़ेंगे सफाई संसाधन
दक्षिण-पूर्वी जोन में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए 428 ऑटो टिपर, 128 ई-रिक्शा, 25 टाटा 407 वाहन, 27 रिफ्यूज कॉम्पैक्टर, 30 हुक लोडर और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 1500 स्टील और 300 एचडीपीई कूड़ेदान तथा बागवानी कचरे के परिवहन के लिए 10 टिपर ट्रक भी उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार ने 100 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के लिए भी फंड उपलब्ध कराया है।


पुराने कपड़ों और पूजा सामग्री का होगा अलग संग्रहण
मुख्यमंत्री ने लोगों से अनुपयोगी कपड़े मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित ‘अर्पण’ केंद्रों पर जमा कराने की अपील की, ताकि उनका रिसाइक्लिंग और पुनः उपयोग किया जा सके। खंडित मूर्तियों और पूजा सामग्री के अलग संग्रहण के लिए सभी 250 वार्डों में विसर्जन कियोस्क स्थापित करने की योजना है। इनमें से करीब 100 कियोस्क स्थापित किए जा चुके हैं। महापौर प्रवेश वाही ने नागरिकों से गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग रखने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा नहीं फैलाने की अपील की।
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