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देव उठानी एकादशी पर शहर में हुई करीब सौ शादियां
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sat, 12 Nov 2016 02:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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साइबर सिटी में देव उठानी एकादशी के दिन करीब सौ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इसमें से कई शादियां दिन में हुईं। तो कई रात में। सड़कों पर नृत्य करते थिरकते बारातियों के आने जाने का सिलिसिला देर रात तक जारी रहा। इस कारण सड़कों पर जाम की भी स्थिति बनी रही। हालांकि ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी से लोगों को अधिक परेशानी नहीं हुई।
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धार्मिक दृष्टि से देव उठनी एकादशी को विवाह के लिए अद्भुत संयोग माना जाता है। परंपरा के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से उठते हैं। सभी देवतागण उनकी स्तुति करते है। वैकुंठ में लक्ष्मी जी का वास होता है। इसलिए इस तिथि को मंगल कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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इसमें विवाह का कोई मुहूर्त नहीं निकला जाता है। पंड़ित चक्रधारी मिश्रा का कहना है कि देव उठनी के दिन परिणय सूत्र में बंधने वाले जोड़ों का वैवाहिक जीवन काफी सुखमय होता है। माना जाता है कि उनके रिश्तों में कभी भी कोई बिगाड़ नहीं होता।
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शादियों का साया ऐसा था कि लोगों को गुडग़ांव में शादी स्थल नहीं मिला। इस कारण बड़ी संख्या में लोगों ने दिल्ली में शादियों के लिए गार्डन बुक किया था। सेक्टर-22 निवासी विक्रांत का कहना है कि उनके बहन की शादी के लिए दिल्ली के महरौली स्थित एक गार्डन से हुई है। गुडग़ांव में कई माह पहले इस तिथि के लिए बुकिंग करा रखी थी।