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कम कीमत पर कार दिलाने के नाम पर 100 को ठगा, आखिरकार गिरफ्तार
Sun, 17 Nov 2019 05:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 Nov 2019 05:42 AM IST
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हरप्रीत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों से नीलाम होने वाली कारों को कम कीमत पर दिलवाने का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को तिलक नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठगी के दो मामलों में आरोपी भगोड़ा करार था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी से ठगी के चार मामले सुलझाने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिनगर निवासी हरप्रीत सिंह (40) के रूप में हुई है। हरप्रीत पर पहले से ठगी के 13 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में उत्तम नगर निवासी राजेश कंसल ने तिलक नगर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने बताया कि हरप्रीत ने उससे मिलने के बाद बताया था कि वह बैंकों से नीलाम होने वाली कारों को कम कीमत पर ग्राहकों को दिलाता है।
इन कारों को बैंक ईएमआई नहीं देने की वजह से जब्त करते हैं। उसने हरप्रीत की बातों में आकर उसे साढ़े चार लाख रुपये दे दिए। रुपये मिलने के बाद हरप्रीत फरार हो गया। इसी तरह हरप्रीत ने जनकपुरी निवासी तरुण कुमार से भी ठगी की।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हरप्रीत ने इसी तरीके से 100 से ज्यादा लोगों से ठगी की है। पुलिस ने अन्य लोगों की शिकायत पर और मामले दर्ज कर लिए। चार अप्रैल, 2019 को अदालत ने दो मामलों में आरोपी को भगोड़ा करार दिया।
थाना प्रभारी गुरुसेवक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। 14 नवंबर को पुलिस ने हरप्रीत को जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से आठ डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड और दो मोबाइल बरामद किए हैं।
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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिनगर निवासी हरप्रीत सिंह (40) के रूप में हुई है। हरप्रीत पर पहले से ठगी के 13 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में उत्तम नगर निवासी राजेश कंसल ने तिलक नगर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें उसने बताया कि हरप्रीत ने उससे मिलने के बाद बताया था कि वह बैंकों से नीलाम होने वाली कारों को कम कीमत पर ग्राहकों को दिलाता है।
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इन कारों को बैंक ईएमआई नहीं देने की वजह से जब्त करते हैं। उसने हरप्रीत की बातों में आकर उसे साढ़े चार लाख रुपये दे दिए। रुपये मिलने के बाद हरप्रीत फरार हो गया। इसी तरह हरप्रीत ने जनकपुरी निवासी तरुण कुमार से भी ठगी की।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हरप्रीत ने इसी तरीके से 100 से ज्यादा लोगों से ठगी की है। पुलिस ने अन्य लोगों की शिकायत पर और मामले दर्ज कर लिए। चार अप्रैल, 2019 को अदालत ने दो मामलों में आरोपी को भगोड़ा करार दिया।
थाना प्रभारी गुरुसेवक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। 14 नवंबर को पुलिस ने हरप्रीत को जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से आठ डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड और दो मोबाइल बरामद किए हैं।