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बेरोजगार छात्र के बैंक खाते से 10 लाख का लेनदेन, आयकर विभाग के नोटिस के बाद हुआ खुलासा
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 17 Apr 2017 06:23 PM IST
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बेरोजगार छात्र के नाम से सेक्टर-16 स्थित एक बैंक की शाखा में खोले गए खाते से एक साल में दस लाख रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया। छात्र को अपने इस खाते का पता तब चला जब उसके पास आयकर विभाग ने नोटिस भेजा। छात्र ने बैंक कर्मचारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए सेक्टर 16 चौकी में शिकायत दी है।
सेक्टर-55 में रहने वाला मनमोहन सिंह नेहरू कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। मनमनोहन सिंह के मुताबिक वह 2014 में आईसीआईसीआई बैंक की सेक्टर 16 स्थित शाखा में अपना खाता खुलवाने गया था। फार्म भरकर उसने अपने सभी दस्तावेज लगाकर बैंक कर्मचारी को दिए, कर्मचारी ने उसे दूसरे दिन आने को कहा।
दूसरे दिन कर्मचारी ने आधार कार्ड और फार्म में भरे गए नाम अलग अलग होने की बात कह खाता खोलने से इनकार कर दिया। खाता रद्द समझ कर वह बैंक से बिना फार्म और दस्तावेज लिए लौट गया। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में उसे आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिला। नोटिस में आईसीआईसीआई बैंक में उसके नाम से खुले खाते में वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान दस लाख रुपये की लेनदेन दिखाई गई थी।
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सेक्टर-55 में रहने वाला मनमोहन सिंह नेहरू कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। मनमनोहन सिंह के मुताबिक वह 2014 में आईसीआईसीआई बैंक की सेक्टर 16 स्थित शाखा में अपना खाता खुलवाने गया था। फार्म भरकर उसने अपने सभी दस्तावेज लगाकर बैंक कर्मचारी को दिए, कर्मचारी ने उसे दूसरे दिन आने को कहा।
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दूसरे दिन कर्मचारी ने आधार कार्ड और फार्म में भरे गए नाम अलग अलग होने की बात कह खाता खोलने से इनकार कर दिया। खाता रद्द समझ कर वह बैंक से बिना फार्म और दस्तावेज लिए लौट गया। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में उसे आयकर विभाग की ओर से नोटिस मिला। नोटिस में आईसीआईसीआई बैंक में उसके नाम से खुले खाते में वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान दस लाख रुपये की लेनदेन दिखाई गई थी।
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आयकर विभाग ने मांगा था लेनदेन का हिसाब
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आयकर विभाग ने इस लेनदेन का हिसाब और आयकर रिटर्न के बारे में उससे जवाब मांगे थे। इस पर उसने बैंक में जाकर पता किया तो उसके नाम से खुले खाते में 30 सितंबर 2014 तक दस लाख रुपये का लेनदेन किया गया था, वर्तमान में इस खाते में एक भी रुपया नहीं है।
मनमोहन का कहना है कि वह बेरोजगार है, जेब खर्च के लिए दुकानों में पार्ट टाइम काम कर चार पांच हजार रुपये कमाता है। उसका आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उसका फर्जी खाता खोल कर रुपयों का लेनदेन किया गया।
मनमोहन का कहना है कि वह बेरोजगार है, जेब खर्च के लिए दुकानों में पार्ट टाइम काम कर चार पांच हजार रुपये कमाता है। उसका आरोप है कि बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उसका फर्जी खाता खोल कर रुपयों का लेनदेन किया गया।