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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   10 lakh government school students did not receive books.

Delhi NCR News: सरकारी स्कूल के 10 लाख छात्रों को नहीं मिली थीं किताबें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 07:40 PM IST
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- दिल्ली हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के सचिव को जारी किया नोटिस
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- अदालत ने कहा अगली सुनवाई पर दाखिल करें स्टेटस रिपोर्ट

गौरव बाजपेई
नई दिल्ली।
इससे बहुत ही दयनीत स्थिति ही कहेंगे कि सरकारी स्कूल के 10 लाख छात्रों को अभी तक किताबें नहीं मिली हैं। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह अवमानना नोटिस सरकारी स्कूलों के करीब 10 लाख छात्रों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध ना कराए जाने पर जारी किया है। दिल्ली हाईकोर्ट की एकलपीठ न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ सोशल ज्यूरिस्ट की अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कोर्ट के पिछले आदेशों और सचिव द्वारा दिए गए स्पष्ट वादों के बावजूद दिल्ली सरकार के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले लगभग 10 लाख छात्रों को नई शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने के एक महीने बाद भी पाठ्यपुस्तकें और नोटबुक नहीं पहुंचाई गई हैं।


अधिवक्ता अशोक अग्रवाल और कुमार उत्कर्ष ने याचिका में तर्क दिया कि कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना की जा रही है, जिससे बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकारी स्टैंडिंग काउंसल से सवाल किया और गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताई। स्टैंडिंग काउंसल ने कोर्ट को बताया कि किताबें ग्रीष्म अवकाश शुरू होने से पहले सभी छात्रों को वितरित कर दी जाएंगी। कोर्ट ने इस सबमिशन को बाध्यकारी मानते हुए नोटिस जारी किया और जवाबदेह पक्षकारों को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
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कोर्ट और विभाग ने पहले भी दिए निर्देश : 8 अप्रैल 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सचिव (शिक्षा) के उस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि किताबें, नोटबुक, लेखन सामग्री और फर्नीचर सभी छात्रों को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि फंड की कोई कमी नहीं है। इसके बाद 4 जुलाई 2024 के आदेश में कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय को बुनियादी ढांचे से संबंधित सभी दिशानिर्देशों और समय-सीमाओं का पालन करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इन वादों को स्वीकार कर निदेशालय को बाध्य किया। इसके बाद 22 अप्रैल 2024 को दाखिल हलफनामे और 9 मई 2024 की अनुपालन रिपोर्ट में विभाग ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और किताबों का वितरण शुरू हो चुका है। सचिव (शिक्षा) ने 16 अप्रैल 2024 के पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किताबें मार्च के अंतिम सप्ताह या 1 अप्रैल को सत्र शुरू होते ही छात्रों को वितरित कर दी जाएं।
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क्या है वर्तमान स्थिति : शैक्षणिक सत्र को शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक लाखों छात्रों को किताबें नहीं मिली हैं। स्कूल 9 मई को ग्रीष्मकालीन अवकाश के लिए बंद हो जाएंगे और एक जुलाई को ही दोबारा खुलेंगे। ऐसे में छात्र तीन महीने तक बिना किताबों के रह जाएंगे, जिससे बुनियादी साक्षरता-संख्यात्मकता पाठ्यक्रम पूरा करना और पढ़ाई की निरंतरता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
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