फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Yoga benefits Women doing yoga one year before pregnancy for normal delivery

International Yoga Day:  सामान्य प्रसव के लिए गर्भधारण से एक साल पहले से योग कर रही महिलाएं, पढ़ें ये फायदे

Fri, 21 Jun 2024 02:01 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 21 Jun 2024 02:01 PM IST
सार

गर्भधारण से पहले शरीर को योग्य बनाना जरूरी है। अगर शरीर को योग्य नहीं बनाएंगे तो गर्भधारण के बाद समस्याएं शुरू हो सकती हैं। मस्कुलर पेन, ब्लड सर्कुलेशन की समस्या देखने को मिलती है।

विज्ञापन
Yoga benefits Women doing yoga one year before pregnancy for normal delivery
गर्भावस्था - फोटो : istock

विस्तार

गर्भधारण करने से पहले मन में डर था कि ऑपरेशन होगा तो कई दिक्कतें होंगी, लेकिन योग ने सब ठीक कर दिया। गर्भधारण से एक साल पहले योग करके खुद को फिट किया और फिर गर्भधारण किया। मेरा बच्चा सामान्य प्रसव से हुआ। यह कहना है बंजारावाला निवासी ममता का।

विज्ञापन


ममता ही नहीं ऐसी तमाम महिलाएं हैं जो गर्भधारण से पहले योग करके खुद को फिट कर रही हैं। इसके बाद गर्भधारण कर रही हैं, ताकि नवजात का जन्म ऑपरेशन से नहीं बल्कि सामान्य प्रसव से हो सके।

विज्ञापन

जीएमएस रोड स्थित योग सेंटर के योगाचार्य मनोज ने बताया कि गर्भधारण से पहले शरीर को योग्य बनाना जरूरी है। अगर शरीर को योग्य नहीं बनाएंगे तो गर्भधारण के बाद समस्याएं शुरू हो सकती हैं। मस्कुलर पेन, ब्लड सर्कुलेशन की समस्या देखने को मिलती है।

विज्ञापन
विज्ञापन


गर्भधारण में यह बीमारी का रूप ले लेती हैं। इसलिए गर्भधारण से एक साल पहले योग करके अपने शरीर को फिट बनाना चाहिए और गर्भावस्था में भी योग करते रहना चाहिए। योगाभ्यास से सारे जॉइंट्स फ्लेक्सिबल बने रहते हैं और ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता। हार्मोन बैलेंस रहते हैं। योग सेंटर पर देखने को मिलता है कि गर्भधारण से एक साल पहले जिन महिलाओं ने योग शुरू किया है, इनमें अधिकतर में सामान्य प्रसव से नवजात का जन्म हुआ है। हालांकि गर्भावस्था में भी इन्होंने योग करना नहीं छोड़ा।



 

शुरुआती तीन महीनों में एहतियात बरतने की जरूरत

योगाचार्य विकास चमोली ने बताया कि गर्भधारण के तीन महीने तक एहतियात बरतने की जरूरत होती है। बताया कि योगासन सुबह-शाम खाली पेट करें। इसके लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम, भद्रासन, उत्कटासन, मलासन, ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन लाभकारी होते हैं। गर्भधारण के शुरुआती तीन हफ्ते तक योग नहीं करने की सलाह दी जाती है। शुरुआती दिनों में योग से गर्भपात होने का खतरा बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें... Uttarakhand Weather: दो महीने बाद बंद हुए एसी-कूलर... आज भी बरसेंगे मेघा, मौसम देख हैरान लोगों ने कही ये बात

मस्कुलर एक्टिविटी की जरूरत होती

योगाचार्य मनोज ने बताया कि सामान्य प्रसव के लिए मस्कुलर एक्टिविटी बेहतर होना बहुत जरूरी है। गर्भस्थ के गले में गर्भनाल फंसने या अन्य गंभीर समस्या होने पर ऑपरेशन करना पड़ सकता है। कोई समस्या न होने पर ऑपरेशन की नौबत नहीं आती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed