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Year Ender 2022: उत्तराखंड में चुनाव, सियासत, भर्ती घोटाले और आंदोलन में बीता साल, पढ़ें ये खास रिपोर्ट

Sat, 31 Dec 2022 07:54 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 31 Dec 2022 07:54 PM IST
सार

अमर उजाला ने पिछले साल को प्रभावित करने वाली प्रमुख घटनाओं की पड़ताल की। पेश है यह रिपोर्ट:.

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Year Ender 2022: Election politics recruitment scam and Protest in Uttarakhand
धरना देते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वर्ष 2022 का साल विधानसभा चुनाव, नई सरकार के गठन, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में खेल और घोटालेबाजों की गिरफ्तारी और विधानसभा में बैकडोर से लगे कर्मचारियों की विदाई के लिए जाना जाएगा। बीते साल के आखिरी महीनों में राज्य की बेटी अंकिता की रहस्यमयी हत्या से सहम उठा। अमर उजाला ने पिछले साल को प्रभावित करने वाली प्रमुख घटनाओं की पड़ताल की। पेश है यह रिपोर्ट:.

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खूब गरमाई चुनावी सियासत
- 08 जनवरी 2022: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की घोषणा।
- 03 जनवरी 2022: 15 से 18 आयु वर्ग का टीकाकरण।
- 17 जनवरी: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह को भाजपा ने किया बर्खास्त।
- 22 फरवरी- पुत्र वधू के साथ कांग्रेस में शामिल हुए हरक सिंह।
- 14 फरवरी 2022 को मतदान हुआ।
- 10 मार्च 2022 चुनाव नतीजा।
- कांग्रेस के दिग्गज हरीश रावत चुनाव हारे।
- सरकार बनी, हारने के बाद भी धामी बनें मुख्यमंत्री।
- भाजपा की लगातार दूसरी बार सरकार बनीं। पुष्कर सिंह धामी खटीमा विस सीट से चुनाव हारे। 23 मार्च 2022 पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

दिग्गजों को कैबिनेट में जगह नहीं
मंत्रिमंडल का गठन हुआ। अरविंद पांडेय, बंशीधर भगत और बिशन सिंह चुफाल को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। नए चेहरे के तौर पर सौरभ बहुगुणा धामी कैबिनेट आए। 

चंपावत उपचुनाव में पुष्कर ने बनाया रिकार्ड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव जीता। उन्होंने 93 प्रतिशत वोट हासिल कर नया कीर्तिमान बनाया।

ऋतु खंडूड़ी: राज्य की पहली महिला स्पीकर बनीं
कोटद्वार विधानसभा सीट से चुनाव जीती ऋतु खंडूड़ी को विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया। वह प्रदेश की पहली महिला स्पीकर बनीं।

भाजपा और कांग्रेस अध्यक्ष बदल गए
बीता साल राजनीतिक दलों के नेतृत्व परिवर्तन के लिए याद किया जाएगा। भाजपा और कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष बदल दिए। विस चुनाव के बाद संगठन की कमान मदन कौशिक के हाथों से लेकर बदरीनाथ विस सीट से चुनाव हारे महेंद्र भट्ट के हाथों में सौंप दी गई। कांग्रेस की कमान गणेश गोदियाल से लेकर रानीखेत से चुनाव हारे करन माहरा को सौंप दी गई। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी कर चुनाव जीते यशपाल आर्य को नेता प्रतिपक्ष की बागोडर सौंपी गई।10 अप्रैल 2022 को  आर्य नेता प्रतिपक्ष बनें। आम आदमी पार्टी के सीएम पद के दावेदार कर्नल अजय कोठियालने पार्टी छोड़ी और बाद में भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ने प्रदेश प्रवक्ता बनाया। 

यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले की रही गूंज, 42 लोग हुए गिरफ्तार
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नियुक्ति घोटाला 2021 में स्नातक स्तर की परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। 22 जुलाई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पेपर लीक मामले की जांच के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ। प्रकरण में 42 लोगों की गिरफ्तारी हुई।  भाजपा नेता हाकम सिंह पेपर लीक मामले का मास्टर माइंड निकला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार और भाजपा को घेरने की कोशिश की। 

दिग्गजों का लगा जोर झटका
उत्तराखंड की सियासत में छाये रहने वाले प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं के लिए बीता साल जोर का झटका दे गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा से चुनाव हार गए।  पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को भाजपा से निकाल दिया गया। उन्हें कांग्रेस में जाना पड़ा। पुत्र वधु को लैंसडौन से टिकट मिला मगर वह चुनाव हार गईं। हरीश रावत लालकुआं से चुनाव हार गए। तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भी श्रीनगर से मात मिली। पूर्व कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी देवप्रयाग, सुरेंद्र सिंह नेगी कोटद्वार से हार गए। प्रीतम सिंह चुनाव तो जीते लेकिन न कांग्रेस के अध्यक्ष बन पाए न नेता प्रतिपक्ष। भाजपा के दिग्गज मदन कौशिक की प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी खिसक गई । वह शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की मंत्री भी नहीं बन पाए। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिली।

बैकडोर से लगे 229 कर्मचारी विधानसभा से हुए बर्खास्त, नहीं मिली राहत 
अगस्त महीने में घोटाले को लेकर सियासत गरमाई। सोशल मीडिया पर बैकडोर से भर्ती पर लगे कर्मचारियों और उनकी सिफारिश करने वाले नेताओं के नाम वायरल हुए। सरकार, भाजपा और आरएसएस के नेताओं पर सवाल उठे। तत्कालीन स्पीकर व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल निशाने पर आ गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से बैकडोर भर्ती की जांच का अनुरोध किया। तीन सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ने डीके कोटिया की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई। 22 सितंबर को जांच समिति ने अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपी, भर्ती में धांधली पाई। 23 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ने 2016 से 2021 के बीच हुई 229 बैकडोर भर्तियों को रद्द करने की घोषणा की। सरकार ने बैकडोर भर्ती रद्द करने की मंजूरी दी। निकाले गए कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकल बैंच ने बर्खास्तगी आदेश पर स्थगानेदश दिया। विधानसभा ने डबल बैंच में अपील की। डबल बैंच स्पीकर आदेश को सही बताया। बर्खास्त कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया। बर्खास्त कर्मचारियों ने विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे विधानसभा में 2016 से पहले हुई भर्तियों पर भी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अंकिता हत्याकांड से दहला उत्तराखंड
उत्तराखंड की बेटी अंकिता की रहस्यमयी हत्याकांड से उत्तराखंड दहल गया। 18 सितंबर 22 अंकिता की नदी में फेंककर हत्या कर दी गई। 21 सितंबर 22 अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। 23 सितंबर को भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य, सौरभ और अंकित गिरफ्तार हु। भाजपा ने विनोद आर्य को पार्टी से निष्कासित कर दिया। 24 सितंबर  को अंकिता का शव बरामद हुआ। 26 सितंबर को अंकिता हत्याकांड की जांच एसआईटी को सौंपी। 19 दिसंबर को अंकिता हत्याकांड की एसआईटी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। 21 दिसंबर को हाईकोर्ट में हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया।

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पांच बड़ी योजनाओं का शिलान्यसा
- 21 अक्तूबर को बदरीनाथ-केदारनाथ धाम पहुंचे मोदी
- 3400 करोड़ से अधिक लागत की योजनाओं का किया शिलान्यास। केदारनाथ व हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे की शिलान्यास किया।

समान नागरिक संहिता और भू कानून पर आगे बढ़ी सरकार
1. 24 मार्च धामी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति की घोषणा। 28 मई को समिति का गठन।
2. राज्य में अलग भू कानून के लिए पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने पांच सितंबर को मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी। 

महिलाओं के आरक्षण का विधेयक पारित हुआ
हाईकोर्ट ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के शासनादेश पर रोक लगा दी थी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी। कोर्ट ने फैसले पर स्टे दिया। कानून बनाने के लिए सरकार ने विधानसभा में विधेयक लेकर आई।

जबरन धर्मांतरण पर बना सख्त कानून
राज्य में जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए प्रदेश सरकार विधानसभा में विधेयक लाई। राज्यपाल की मंजूरी के बाद सख्त कानून बन गया है। राज्य में जबरन या प्रलोभन से धर्मांतरण के मामले में 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। राज्य का यह कानून यूपी के कानून से भी सख्त है।

आंदोलनकारियों के आरक्षण विधेयक राजभवन से लौटा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध पर राजभवन में सात साल से लंबित आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का विधेयक लौट आया। सरकार ने मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाने का फैसला लिया है। 

भाजपा ने पहली बार हरिद्वार में पंचायत चुनाव जीता
- पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा रहा। 
- कई निर्दलीय उम्मीदवार भाजपा में शामिल हुए। कांग्रेस चुनाव में पिछड़ गई। 

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