Year Ender 2021: उत्तराखंड में देवस्थानम प्रबंधन एक्ट की वापसी और पर्यटन में उतार-चढ़ाव के लिए याद रहेगा साल
त्रिवेंद्र सरकार के समय 2019 में सरकार ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड बनाने का फैसला लिया। जनवरी 2020 को चारधाम देवस्थानम प्रबंधन एक्ट की अधिसूचना जारी की गई। चारों धामों के तीर्थपुरोहितों व हकहकूकधारियों ने एक्ट का विरोध किया।
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2021 में पर्यटन कारोबार को आर्थिक झटका लगा है। महामारी से संभलने के बाद प्रदेश में पर्यटन कारोबार का पहिया घूमा है। जिससे पर्यटन को हुए आर्थिक नुकसान से उभरने का मौका है। वहीं, चारधाम के इतिहास में देवस्थानम प्रबंधन एक्ट की वापसी के लिए वर्ष 2021 याद रहेगा।
तीर्थपुरोहितों व हकहकूकधारियों ने किया एक्ट का विरोध
त्रिवेंद्र सरकार के समय 2019 में सरकार ने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड बनाने का फैसला लिया। जनवरी 2020 को चारधाम देवस्थानम प्रबंधन एक्ट की अधिसूचना जारी की गई। चारों धामों के तीर्थपुरोहितों व हकहकूकधारियों ने एक्ट का विरोध किया। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री धामी ने देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड पर पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी गठित की। समिति की रिपोर्ट का मंत्रिमंडल उप समिति ने परीक्षण किया। उप समिति की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने 30 नवंबर को देवस्थानम प्रबंधन एक्ट वापस लेने की घोषणा की। विधानसभा सत्र के शीतकालीन सत्र में चारधाम देवस्थानम प्रबंधन एक्ट को वापस लिया गया।
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वहीं, कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद उत्तराखंड में पर्यटन कारोबार का पहिया घूमना शुरू हुआ। लेकिन तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए पर्यटन उद्योग ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। समय पर चारधाम यात्रा शुरू न होने के कारण पर्यटन क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 200 करोड़ का राहत पैकेज दिया। साल के अंत में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर प्रदेश के पर्यटन की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
केदारपुरी में 400 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्यों की सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिसंबर को केदारनाथ धाम में पहुंच कर 400 करोड़ के पुनर्निर्माण के कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। आदिगुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही तीर्थ पुरोहितों के आवास, सरस्वती नदी के तटपर बाढ़ सुरक्षा, घाटों का निर्माण, मंदाकिनी नदी तटपर बाढ़ सुरक्षा के लिए दीवार, गरुड़ चट्टी के लिए मंदाकिनी नदी पर पुल के कार्यों का लोकार्पण किया। इसके अलावा संगम घाट का पुनर्निर्माण, रेन शेल्टर शेड, पर्यटन सुविधा केंद्र, अस्पताल, मंदाकिनी आस्था पथ, वाटर एटीएम, प्लाजा, संग्रहालय, सरस्वती सिविक एमेनिटी भवन का शिलान्यास किया।
पर्यटन को पटरी पर लाने के लिए 200 करोड़ का राहत पैकेज
कोरोना महामारी से उपजे आर्थिक संकट से पर्यटन क्षेत्र को हुए नुकसान से उभारने के लिए धामी सरकार ने 200 करोड़ का राहत पैकेज दिया है। सरकार ने इस पैकेज से पर्यटन कारोबारियों और उससे जुड़े 50 हजार लोगों को सहायता राशि देने का काम किया है। अब तक 21454 पर्यटन कारोबारियों को डीबीटी के माध्यम से 15.21 करोड़ की राशि दी गई है। पर्यटन कारोबारियों को प्रति माह दो हजार रुपये, पंजीकृत टूअर एवं एडवेंचर टूअर आपरेटरों, टिहरी झील के बोट संचालकों को 10 हजार रुपये की एक मुश्त राशि दी गई। इसके अलावा 556 रीवर राफ्टिंग गाइडों को 57.88 लाख रुपये की राशि दी गई।
देर से शुरू हुई चारधाम यात्रा, तीर्थ यात्रियों ने बनाया रिकॉर्ड
कोविड महामारी के कारण चारधाम केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद यात्रा तय समय पर शुरू हो पाई। चारों धामों में कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर रोक लगाई थी। जिसके बाद सरकार के विशेष प्रार्थना याचिका पर सुनवाई कर हाईकोर्ट ने सशर्त यात्रा संचालित करने की अनुमति दी। 18 सितंबर से चारधाम यात्रा शुरू की गई। इसके बावजूद चारों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों ने रिकॉर्ड बनाया है। 2021 में पांच लाख से अधिक यात्रियों ने चारों धामों में दर्शन किए हैं।
चारों धामों में पहुंचे तीर्थयात्री
धाम - 2019 - 2020 - 2021
केदारनाथ - 998956 - 135287 - 242712
बदरीनाथ - 1244100 - 155009 - 197056
गंगोत्री - 529880 - 23736 - 33166
यमुनोत्री - 465111 - 7717 - 33306