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Dehradun News: पशुपालन को आर्थिक मजबूती का माध्यम बनाएं महिलाएं
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- महिला पशुपालकों को किया प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। राजकीय डेयरी फार्म में ग्राम्य विकास विभाग व पशुपालन विभाग के सहयोग से चल रहे 17 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इस अवसर पर डेयरी फार्म के प्रबंधक डॉ. एसके सिंह बर्तवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली महिलाएं पशुपालन को अपनी आर्थिक मजबूती का माध्यम बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन को रोजगार से जोड़कर व प्रदेश के सभी क्षेत्रों में नाम और पैसा कमा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य की सरकारों के पशुपालन मंत्रालयों के माध्यम से बहुत सारी ऐसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। जिसका लाभ उठाकर महिलाएं रोजगार के क्षेत्र में अपने आपको मजबूत बना सकती हैं। बताया कि 17 दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई 29 महिला पशुपालकों को पशुपालन के लिए जरूरी तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी केंद्र के माध्यम से प्रदान की गई है। इस अवसर पर फार्म के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एपीएस असवाल ने पशुओं के खानपान, रहन-सहन, पशु प्रजनन व पशुओं को होने वाली विभिन्न बीमारियों और उनसे बचाव के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. अमित देवराड़ी, डॉ. मृदुला तिवारी, डॉ. मयंक मैठानी, मुशीर अहमद, डॉ. मनोज गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, डॉ. एसएस बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। राजकीय डेयरी फार्म में ग्राम्य विकास विभाग व पशुपालन विभाग के सहयोग से चल रहे 17 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इस अवसर पर डेयरी फार्म के प्रबंधक डॉ. एसके सिंह बर्तवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली महिलाएं पशुपालन को अपनी आर्थिक मजबूती का माध्यम बना सकती हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन को रोजगार से जोड़कर व प्रदेश के सभी क्षेत्रों में नाम और पैसा कमा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य की सरकारों के पशुपालन मंत्रालयों के माध्यम से बहुत सारी ऐसी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। जिसका लाभ उठाकर महिलाएं रोजगार के क्षेत्र में अपने आपको मजबूत बना सकती हैं। बताया कि 17 दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई 29 महिला पशुपालकों को पशुपालन के लिए जरूरी तकनीकी व व्यावहारिक जानकारी केंद्र के माध्यम से प्रदान की गई है। इस अवसर पर फार्म के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एपीएस असवाल ने पशुओं के खानपान, रहन-सहन, पशु प्रजनन व पशुओं को होने वाली विभिन्न बीमारियों और उनसे बचाव के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. अमित देवराड़ी, डॉ. मृदुला तिवारी, डॉ. मयंक मैठानी, मुशीर अहमद, डॉ. मनोज गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, डॉ. एसएस बिष्ट आदि उपस्थित रहे।
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