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राजनीति में आधी आबादी को नहीं मिल पाता पूरा हक

Sun, 08 Jan 2017 01:13 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 08 Jan 2017 01:13 PM IST
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women rights in uttarakhand politics
- फोटो : demo pic

उत्तराखंड की राजनीतिक पार्टियां महिलाओं की तरक्की के चाहे जितने बड़े दावे कर लें। इसके साथ एक सच यह भी है कि जब बात चुनाव की आती है तो इस आधी आबादी को उसका पूरा हक नहीं मिल पाता है। कमोबेश सभी दलों के नेता अपना निजी सियासी नफा नुकसान भांपकर महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी कर देते हैं।

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उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो वह भी इस मामले में अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से कदमताल करती नजर आती है। वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से सिर्फ सात सीटों पर ही महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा। यह स्थिति तब है जबकि राज्य की तमाम विधानसभा सीटों पर महिला वोटर किसी भी प्रत्याशी को पटकनी देने की ताकत रखती हैं।
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पार्टी में कई सालों से टिकट मांग रही कुछ महिला नेत्रियों का भी कहना है कि लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण पर बहस करने वाले नेता अपने से ही नजीर पेश क्यों नहीं कर लेते हैं? कम से कम उत्तराखंड में जहां कुल वोटरों का लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं हैं, वहां पर सियासी गुणा भाग के नजरिए से भी आधी आबादी को अधिक से अधिक सीटों पर लड़ाकर राजनीतिक पार्टियां विपक्षियों पर बढ़त हासिल कर सकती हैं।
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ये भी हैं भाजपा से कुछ महिला दावेदार
यमकेश्वर से विजया बड़थ्वाल, केदारनाथ से पूर्व विधायक आशा नौटियाल व कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई पूर्व विधायक शैलारानी रावत, कैंट सीट से महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलम सहगल, अमिता सिंह, चकराता से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विकासनगर से नीरु देवी, ऋषिकेश से कुसुम कंडवाल, रुड़की से राखी चंद्रा, डोईवाला से रुचि भट्ट, रुद्रप्रयाग से सरला खंडूड़ी, रायपुर से विनोद उनियाल व सुलोचना राणा, धनोल्टी से गीता रावत व मीरा सकलानी, चौबट्टाखाल से महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष राज रावत व दीप्ति रावत, काशीपुर से सीमा रावत, हल्द्वानी से रेणु अधिकारी व शांति भट्ट, भीमताल से शांति मेहरा व ऋतु डालाकोटी, घनसाली से अचला खंडेलवाल आदि।

ये तथ्य भी हैं काबिलेगौर
वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के लिए वोटरों की स्थिति (अंतिम सूची 10 जनवरी को अपडेट होगी)
कुल वोटर: 73,81000
पुरुष वोटर : 3865572
महिला वोटर : 3515279

वर्ष 2012 में वोटरों की स्थिति
पुरुष वोटर: 3352984
महिला वोटर: 3024346

वर्ष 2012 में वोट पड़े
पुरुष: 2159501
महिला: 2060193

: वर्ष 2012 में भाजपा ने केदारनाथ से आशा नौटियाल, चकराता से कमला चौहान, झबरेड़ा से वैजयंती माला, हल्द्वानी से रेणु अधिकारी, गंगोलीहाट से गीता ठाकुर, यमकेश्वर से विजया बड़थ्वाल, चंपावत से हरि प्रिया जोशी को टिकट दिया
: यमकेश्वर (पौड़ी गढ़वाल) से विधायक विजया बड़थ्वाल ही भाजपा की एकमात्र महिला विधायक रही

‘विभिन्न सीटों से महिलाओं ने मजबूती से अपनी दावेदारी पेश की है। अभी इस सूची को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। हमने अधिक से अधिक महिलाओं को टिकट देने की पैरवी पुरजोर तरीके से पार्टी फोरम पर रख दी है। उम्मीद है कि पार्टी इस बार सम्मानजनक संख्या में महिलाओं को टिकट देगी।’
- नीलम सहगल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा

आधी आबादी ने मांगी एक तिहाई हिस्सेदारी
राज्य गठन के बाद दो बार सत्ता तक पहुंच चुकी कांग्रेस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नाममात्र का है। महिलाओं को आधी हिस्सेदारी देने का दावा करने वाली कांग्रेस ने 2012 में हुए विधानसभा चुनावों में करीब दस फीसदी महिला प्रत्याशियों को ही टिकट दिए। जिन आठ महिला प्रत्याशियों को पार्टी ने टिकट दिया, उनमें से चार विधानसभा तक पहुंचने में कामयाब भी रही। बाद में दो अन्य सीटों पर हुए उपचुनाव में भी महिला प्रत्याशी जीतने में कामयाब रही। हालांकि इनमें से तीन अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुकी हैं।

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए करीब एक तिहाई महिला प्रत्याशियों ने हाईकमान से टिकट की मांग की है। राज्य की केवल 18 विधानसभा सीटों पर ही महिला प्रत्याशियों ने टिकट की दावेदारी की है जबकि शेष 52 सीटों पर कोई भी महिला दावेदार सामने नहीं आई है। सबसे ज्यादा तीन-तीन महिला दावेदार काशीपुर और लालकुआं विधानसभा सीट पर हैं। जबकि सीएम की पुत्री अनुपमा रावत ने दो विधानसभा सीटों से टिकट मांगा है। रुद्रप्रयाग जिले की दोनों सीटों पर महिलाएं टिकट की दावेदार हैं। जबकि चमोली, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा जिले की किसी भी सीट से महिलाएं टिकट के लिए आगे नहीं आई हैं।


नैनीताल- सरिता आर्य (अध्यक्ष, प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी)
हरिद्वार (ग्रामीण) और लक्सर- अनुपमा रावत
रुद्रप्रयाग- चंद्रकला नेगी
सहसपुर- नज़मा खान
राजपुर- कमलेश रमन (महानगर अध्यक्ष)
कैंट- मीना रावत
यमकेश्वर- सरोजनी कैंत्युरा
केदारनाथ- संगीता नेगी
काशीपुर- अलका पाल, इंदुमान व मीनू गुप्ता
रामनगर- आशा बिष्ट
गदरपुर- शिल्पी अरोड़ा व रीना कपूर (जिलाध्यक्ष उधम सिंह नगर) 
किच्छा- खष्टी बिष्ट
लोहाघाट- रेवती जोशी
भीमताल- जया बिष्ट
लालकुआं- सुष्मिता पंत, बीना जोशी व किरण जोशी
भेल रानीपुर- विमला पांडे
झबरेड़ा- दीपमाला

2012 में मिले आठ टिकट
वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल आठ महिला प्रत्याशियों को टिकट दिए। इनमें से इंदिरा हृदयेश हल्द्वानी, शैलारानी रावत केदारनाथ, अमृता रावत रामनगर और सरिता आर्य नैनीताल सीट से जीतने में कामयाब रही। ज्वालापुर सीट से ब्रजरानी, यमकेश्वर से सरोजनी कैंत्युरा, डीडीहाट से रेवती जोशी और लैंसडाउन से ज्योति गैरोला को हार का मुंह देखना पड़ा। बाद में 2014 में हुए उपचुनाव में सोमेश्वर विधानसभा सीट से रेखा आर्य और भगवानपुर सीट से ममता राकेश भी विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुई।

एक नजर में 2012 विधानसभा चुनाव
कुल प्रत्याशी- 788
महिला प्रत्याशी- 63
पुरुष प्रत्याशी- 725
सर्वाधिक महिला प्रत्याशी- चार (ज्वालापुर), तीन (केदारनाथ, भेल रानीपुर व यमकेश्वर)

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