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फूड लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए घूसखोरी में महिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पांच साल की जेल

Fri, 27 Sep 2019 10:13 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 27 Sep 2019 10:13 AM IST
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Woman officer Got Five Years Jail to take bribe for renewal of food license
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

नैनीताल में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हुई मुख्य खाद्य सुरक्षा निरीक्षक को जिला सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण की अदालत ने दो अलग-अलग धाराओं में चार और पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। कुमाऊं मंडल में भ्रष्टाचार के मामले में किसी महिला अधिकारी को सजा का यह पहला मामला है।

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अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि शिकायतकर्ता कुमौड़ पिथौरागढ़ निवासी और वर्षा स्वीट्स के स्वामी जगदीश प्रजापति ने 11 मार्च 2013 को सतर्कता अधिष्ठान कार्यालय हल्द्वानी को शिकायती पत्र देकर कहा था कि मुख्य खाद्य सुरक्षा निरीक्षक अर्चना सागर उसके फूड लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए बीस हजार रुपये रिश्वत मांग रही है। जांच के बाद सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने 16 मार्च 2013 को दोपहर 12.35 बजे पिथौरागढ़ की मुख्य खाद्य सुरक्षा निरीक्षक अर्चना सागर को शिकायतकर्ता जगदीश प्रजापति से बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
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इस संबंध में सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर नैनीताल (हल्द्वानी) में 16 मार्च 2013 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में अर्चना सागर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। विवेचना के बाद अर्चना सागर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में अर्चना सागर पर लगाए गए आरोपों को सिद्ध करने के लिए साक्ष्य उपलब्ध कराए गए।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने अर्चना सागर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 07 के तहत चार वर्ष का कारावास एवं पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास और धारा 13 (1) डी सपठित 13 (2) के अंतर्गत पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।

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