सात फेरे लेते ही सामने आया दुल्हन का ऐसा राज, सुनते ही खिसक गई पैरों तले जमीन
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एक दिव्यांग युवक की शादी की सारी रस्में खुशी-शुशी पूरी हुईं। लेकिन सात फेरे लेते ही दुल्हन के बारे में एक ऐसा खुलासा हुआ जिसे सुनते ही सबके पैरों तले जमीन खिसक गई।
ग्रेटर नोएडा के एक दिव्यांग की शादी की खुशी उस समय काफूर हो गई जब पता चला कि दुल्हन पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी है। हक्के-बक्के रह गए परिवार ने पुलिस को बताया कि वे शादी के नाम पर पचास हजार की रकम भी दे चुके हैं।
फिलहाल ठग दुल्हन पुलिस की हिरासत में है और बिचौलिये की तलाश की जा रही है। वेस्ट यूपी के गांव घघोला कासना के रहने वाले दिव्यांग रविंद्र पुत्र महेश पेशे से सब्जी विक्रेता है।
उसका जीजा मंगलौर में रहता है। जीजा ने अपने पहचान के राणा नामक व्यक्ति से अपने दिव्यांग साले की शादी करने की बात कही थी। आरोप है कि उस व्यक्ति ने अपनी एक परिचित से शादी की हामी भर दी।
दुल्हन का रोल निभाने को मिले थे पैसे
कहा कि चूंकि पहाड़ में दूल्हे पक्ष को भी खर्चा वहन करना पड़ता है इसलिए पचास हजार रुपये देने होंगे। जीजा ने उसके लिए सहमति भर दी। मंगलवार को श्यामपुर क्षेत्र के हाईवे से सटे एक मंदिर में शादी की रस्में अदा हुई।
दिव्यांग की शादी होने पर परिवार बेहद खुश था। परिवार के सदस्य जब विदाई कर बस स्टैंड पहुंचे तो दुल्हन उन्हें छोड़कर भाग गई। परिवार के सदस्य ऐसा होते देख दंग रह गए।
उन्होंने पीछा कर उसे कोतवाली के पास पकड़ लिया। हल्ला होने पर भीड़ एकत्र हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस सबको कोतवाली ले आई, तब जो खुलासा हुआ उससे दूल्हा पक्ष दंग रह गया। पता चला कि कोटद्वार की रहने वाली 30 साल की दुल्हन दो बच्चों की मां है और उसके पति की मौत हो चुकी है।
उसे दुल्हन के किरदार के लिए पैसे दिए गए थे। दूल्हे पक्ष ने बताया कि वे शादी के नाम पर पचास हजार अदा कर चुके है। कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि मामले की जांच कर रहे है। शादी कराने वाले राणा नाम के व्यक्ति की भी तलाश कर रहे हैं।