बागेश्वर: बैजनाथ रेंज में आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंची जंगल की आग, बुझाने में जुटे ग्रामीण
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आंधी और बारिश थमते ही जंगलों में आग फिर भड़कने लगी है। अबकी पालड़ी, कनकगढ़, गढ़खेत और काफलीगैर के के जंगलों में आग लग गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। बैजनाथ रेंज में अणां, फल्याटी समेत कई जगहों पर जंगलों की आग आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच गई है। ग्रामीणों व वन कर्मियों ने आग बुझाई।
बृहस्पतिवार की सुबह से जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई। सुबह तकरीबन सात बजे ताकुला रोड स्थित पालड़ी के कंपार्टमेंट नंबर 16 के जंगलों में आग लग गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची बमुश्किल से आग पर काबू पाया।
बताया जा रहा है कि यह आग अल्मोड़ा वन प्रभाग से बागेश्वर तक पहुंची है। इसके बाद दोपहर में तकरीबन 12 बजे गढ़खेत रेंज के छठिया नाप के जंगल में आग लग गई। आग से बेशकीमती वन संपदा जलकर स्वाहा हो गई। दोपहर बाद हुई तेज आंधी और तूफान से जंगलों में आग की लपटें विकट हो गई।
वन कर्मियों का आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। तेज हवा के कुछ बाद हुई बारिश से ज्यादातर जगहों में आग बुझ गई है। डीएफओ बलवंत सिंह शाही ने बताया कि आग की घटनाओं पर काबू पा लिया गया है।
इधर गरुड़ में बैजनाथ रेंज के मोहरपाली, देवनाई, कौसानी, अणां, फल्याटी के जंगलों में आग भड़की हुई। इन क्षेत्रों में जंगलों की आग आबादी वाले क्षेत्रों में भी पहुंच गई। ग्रामीण व वन कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
कई जगहों पर जंगलों में अभी आग भड़की हुई है। गढ़खेत रेंज में उड़खुली, बलिबूबू , सालमगढ़, पप्या, जिंतोली के जंगलों में आग लगी हुई है। वन रेंजर गढ़खेत हरीश खर्कवाल ने बताया कि वनों में लगी आग को बुझाने में 22 फायर वाचर और रेंज के सभी वन कर्मी जुटे हुए हैं।
सीमा वन पंचायत ने जंगल को आग से बचाने की नई पहल
कौसानी से लगी सीमा वन पंचायत ने वनों को आग से बचाने की नई पहल की है। ग्रामीण हर रोज वन पंचायत में गिरे पिरुल को एकत्रित करते हैं। जिसको इसकी पिरुल की जरूरत होती है उसे निशुल्क दे देते हैं। ग्रामीणों की पहल रंग लाई है। वन पंचायत आग की दृष्टि से अति संवेदनशील होने के बावजूद इस साल वन पंचायत में आज तक आग नहीं लगी है। वन पंचायत सीमा के सरपंच और वृक्ष प्रेमी दिनेश लोहनी ने बताया कि उनके गांव के लोग हर रोज वन पंचायत से पिरुल एकत्र करते हैं।